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उत्तराखण्ड

देहरादून की सड़कों पर तेज रफ्तार पर सख्ती, हाईकोर्ट के आदेश के बाद नई तकनीक से तुरंत होगी कार्रवाई

देहरादून में अब तेज रफ्तार से वाहन चलाना वाहन स्वामियों के लिए भारी पड़ सकता है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने शहर में स्मार्ट ट्रैकिंग सिस्टम लागू कर दिया है, जिससे तेज गति से चलने वाले वाहनों की तुरंत पहचान होगी और संबंधित वाहन स्वामी, नजदीकी थाना, पुलिस नियंत्रण कक्ष और गश्त पर तैनात पुलिसकर्मियों को अलर्ट भेजा जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत जैसे ही कोई वाहन तय सीमा से अधिक गति से दौड़ेगा, पुलिस को तुरंत उसकी जानकारी मिल जाएगी और कार्रवाई शुरू हो जाएगी।

शहर में यह व्यवस्था सबसे पहले मोहकमपुर, प्रेमनगर और डीआईटी क्षेत्र में लागू की गई है, जहां स्मार्ट सिटी योजना के तहत तेज गति ट्रैक करने वाले कैमरे लगाए गए हैं। ये हाई-टेक कैमरे केवल वाहनों की गति रिकॉर्ड नहीं करेंगे, बल्कि उनकी तस्वीरें खींचकर तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को भेजेंगे। यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से स्वचालित होगी, जिससे मानवीय देरी की कोई संभावना नहीं रहेगी। अगर यह ट्रायल सफल होता है, तो इसे प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।

इस प्रणाली को विकसित और लागू करने की जिम्मेदारी देहरादून की साइनोटेक टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन कंपनी को दी गई है। वर्तमान में शहर में तैनात 200 से अधिक पुलिसकर्मियों के मोबाइल नंबर इस ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़े गए हैं, ताकि उन्हें तुरंत अलर्ट मिल सके। जैसे ही कोई वाहन तेज रफ्तार से गुजरता है, सूचना पुलिस को मिल जाती है और नजदीकी गश्ती दल तुरंत उस पर कार्रवाई कर सकता है।

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हाईकोर्ट ने 20 फरवरी को अपने आदेश में कहा था कि तेज रफ्तार को ट्रैक करने वाली मशीनों को इस तरह सुधारा जाए कि वाहन मालिक और नजदीकी थाने को तुरंत अलर्ट भेजा जा सके। इसी निर्देश के आधार पर देहरादून में यह नई व्यवस्था लागू की गई है, जिसका मकसद सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना है। इस तकनीक के जरिए राज्य में यातायात व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

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