उत्तराखण्ड
ऑपरेशन के दौरान लापरवाही से प्रसूता की मौत, परिवार ने न्याय की गुहार लगाई
कठघरिया के एक निजी अस्पताल में सीजेरियन ऑपरेशन के दौरान हुई लापरवाही के कारण एक प्रसूता की मौत हो गई। मृतका के पति ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अस्पताल प्रशासन और महिला डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद मरीज को बिना उचित देखभाल के सामान्य वार्ड में भेज दिया गया, जिससे उसकी हालत बिगड़ती चली गई।
15 फरवरी को गर्भवती दीक्षा को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उनकी जांच के बाद तुरंत ऑपरेशन करने का फैसला किया। ऑपरेशन सफल होने के बावजूद उन्हें आईसीयू की सुविधा नहीं दी गई और सामान्य वार्ड में भर्ती कर दिया गया। आधी रात के बाद जब उन्हें तेज रक्तस्राव हुआ, तो डॉक्टरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अगले दिन हालत और बिगड़ने पर दोबारा ऑपरेशन कर टांके लगाए गए, लेकिन तब तक मरीज की स्थिति और नाजुक हो चुकी थी।
स्थिति बेकाबू होते देख डॉक्टरों ने उन्हें सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उन्हें खून चढ़ाया गया लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। आखिरकार, डॉक्टरों की सलाह पर परिवार ने उन्हें बरेली के राममूर्ति अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन तब तक संक्रमण फैल चुका था और किडनी फेल हो गई, जिसके कारण 28 फरवरी को दीक्षा की मौत हो गई।
मृतका के परिवार का कहना है कि अस्पताल प्रशासन ने गंभीर स्थिति में विशेषज्ञ डॉक्टर को नहीं बुलाया और लापरवाही बरती, जिससे दीक्षा की जान चली गई। अब परिवार ने जिलाधिकारी से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में सीएमओ डॉ. एससी पंत ने जांच कमेटी गठित करने की बात कही है, ताकि दोषियों पर उचित कार्रवाई की जा सके।

