उत्तराखण्ड
चंपावत में पहली बार नशा तस्कर का एनकाउंटर, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
उत्तराखंड में नशे के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। जहां पहले हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी इलाकों में तस्करों के खिलाफ एनकाउंटर की खबरें आती थीं, वहीं अब पहाड़ी जिलों में भी पुलिस का शिकंजा कसने लगा है। इसी क्रम में पहली बार चंपावत जिले में नशा तस्कर के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई, जिसमें तस्कर को गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
यह घटना चंपावत जिले के बनबसा थाना क्षेत्र में हुई, जहां एसओजी और स्थानीय पुलिस की टीम एक संदिग्ध तस्कर पर नजर रखे हुए थी। देर रात पुलिस ने जब उसे रोकने की कोशिश की, तो उसने भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग भी कर दी। जवाबी कार्रवाई में एसओजी और पुलिस ने भी फायरिंग की, जिससे नानकमत्ता निवासी तस्कर मंगत सिंह उर्फ मंगी के पैर में गोली लग गई। घायल तस्कर को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया और उसे इलाज के लिए टनकपुर अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने उसके पास से 190 ग्राम स्मैक और एक तमंचा बरामद किया है।
नशे के खिलाफ अभियान तेज, पुलिस का सख्त रुख
चंपावत जिले में यह पहला मौका है जब किसी नशा तस्कर के साथ एनकाउंटर हुआ है। इससे पहले ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार और देहरादून में पुलिस इस तरह की कार्रवाई कर चुकी है। सोमवार देर रात लगभग डेढ़ बजे एसओजी टीम को सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति खटीमा की ओर से बाइक पर आ रहा है। जब पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की, तो वह भागने लगा और जंगल की ओर बढ़ गया। पुलिस टीम ने पीछा किया, लेकिन खुद को बचाने के लिए उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी और वह गिर पड़ा।
पुलिस अधीक्षक चंपावत ने बताया कि गिरफ्तार तस्कर से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि वह नशे की खेप कहां से ला रहा था और इसके पीछे कौन-कौन से बड़े नाम जुड़े हुए हैं। इससे पहले भी चंपावत में पुलिस ने कई छोटे नशा तस्करों को पकड़ा था, लेकिन यह पहली बार है जब किसी बड़े तस्कर पर इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है।
गौरतलब है कि पुलिस ने हाल ही में जिले में नशे के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। 11 मार्च को बनबसा थाना पुलिस ने दो तस्करों को 7.98 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था। वहीं, 21 फरवरी को टनकपुर क्षेत्र में होटल और ढाबों की चेकिंग के दौरान शराब पिलाने और पीने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई थी। इस दौरान 13 लोगों का चालान किया गया और भारी जुर्माना भी वसूला गया था।
इस एनकाउंटर के बाद पुलिस ने साफ कर दिया है कि उत्तराखंड में नशा तस्करी करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। पहाड़ी जिलों में भी अब पुलिस सख्त कार्रवाई करने के लिए तैयार है, जिससे नशा तस्करों में डर पैदा हो और राज्य को नशामुक्त बनाने का सपना साकार हो सके।
















