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उत्तराखण्ड

इंस्पेक्टर पति पर पत्नी का सनसनीखेज आरोप: बेटियों के जन्म के बाद बढ़ी प्रताड़ना, एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार

ऊधम सिंह नगर में तैनात एक पुलिस इंस्पेक्टर पर उसकी पत्नी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि बेटियों के जन्म के बाद से पति और ससुराल वालों का व्यवहार उसके प्रति बदल गया और उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। आरोप है कि पति ने रसूख का इस्तेमाल कर उसे न्याय मिलने से भी रोका। परेशान होकर महिला ने एसएसपी मणिकांत मिश्रा से मिलकर इंसाफ की गुहार लगाई और खुद व अपनी बेटियों की सुरक्षा की मांग की।

पीड़िता, जो मूल रूप से चकरपुर खटीमा की रहने वाली है, ने बताया कि उसकी शादी 18 फरवरी 2019 को एक पुलिस इंस्पेक्टर से हुई थी, जो फिलहाल कुमाऊं के एक पर्वतीय जिले में तैनात हैं। उनकी दो बेटियां हैं, जिनकी उम्र पांच साल और ढाई साल है। महिला का आरोप है कि छोटी बेटी के जन्म के बाद से ही पति और सास का व्यवहार कठोर हो गया और उसे गाली-गलौज के साथ मारपीट का भी सामना करना पड़ा।

घटना का जिक्र करते हुए उसने बताया कि 18 मार्च को उसके जन्मदिन के दिन सुबह पति ने घर के बाहर उसकी पांच साल की बेटी के सामने ही उसे घूंसे मारे। जब वह जिला अस्पताल में मेडिकल कराने पहुंची, तो इंस्पेक्टर पति ने अपनी पहचान और रसूख का इस्तेमाल कर मेडिकल बनने से रोक दिया। काफी संघर्ष के बाद, जब शाम को मेडिकल बना, तब भी उसे रिपोर्ट नहीं सौंपी गई।

पीड़िता के अनुसार, वह बीएड कर चुकी है और ट्यूशन पढ़ाकर अपनी बच्चियों का भरण-पोषण कर रही है। उसने यह भी बताया कि पति बीते आठ महीने से उसे अलग रहने के लिए दबाव डाल रहा है। उसने पहले भी नवंबर में एसएसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

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महिला के पिता, जो कि सेवानिवृत्त फौजी हैं, ने भी बेटी के ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से उनकी बेटी को प्रताड़ित किया जा रहा है और पोतियों का सारा खर्च वह खुद उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जब वह कुछ रिश्तेदारों के साथ बेटी को उसके घर छोड़ने गए, तो अचानक पति के दो दोस्त और बाउंसर वहां पहुंचे और उन्हें जबरन घर से बाहर निकालने लगे।

इस पूरे मामले पर एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने कहा कि महिला की ओर से प्रार्थना पत्र मिला है और उसके द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पीड़िता ने प्रशासन से न्याय की उम्मीद जताई है और अपनी सुरक्षा की मांग की है।

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