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उत्तराखण्ड

अब सिर्फ कॉर्बेट नहीं, उत्तराखंड में और भी जगह उठा सकेंगे जंगल सफारी का रोमांच,क्रोकोडाइल से रूबरू होने का मिलेगा मौका

उत्तराखंड में पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क हमेशा से जंगल सफारी के दीवानों की पहली पसंद रहा है, लेकिन अब राज्य सरकार ने कुमाऊं मंडल में और भी स्थानों पर जंगल सफारी शुरू करने की योजना बनाई है। इससे न केवल वन्यजीव प्रेमियों को एक नया अनुभव मिलेगा, बल्कि स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

उत्तराखंड के तराई पूर्वी वन प्रभाग में स्थित सुरई रेंज का ककरौली वन क्षेत्र अब एक नया जंगल सफारी हॉटस्पॉट बनने जा रहा है। इस क्षेत्र की खासियत यह है कि यहां प्राकृतिक रूप से क्रोकोडाइल का आवास स्थल मौजूद है। पर्यटकों के लिए यह सफारी बेहद खास होने वाली है क्योंकि वे जंगल की खूबसूरती का लुत्फ उठाने के साथ-साथ खतरनाक मगरमच्छों को भी करीब से देख सकेंगे

वन विभाग के अनुसार, जंगल सफारी को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए खास योजना बनाई गई है। डीएफओ हिमांशु बागड़ी ने बताया कि इस क्षेत्र में पर्यटकों को करीब 35 किलोमीटर लंबे सफारी ट्रैक पर वन्यजीवों का अनुभव करने का अवसर मिलेगा। जंगल सफारी को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए वन विभाग एक विशेष वेबसाइट तैयार कर रहा है, जहां से पर्यटक सफारी की ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे और सफारी किराए से जुड़ी सारी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

सरकार इस पहल के जरिए स्थानीय लोगों को भी रोजगार के नए अवसर देने जा रही है। सफारी गाइड बनने, जिप्सी सेवाएं प्रदान करने और अन्य पर्यटक सुविधाओं के जरिए स्थानीय निवासियों को आर्थिक लाभ मिलेगा। डीएफओ बागड़ी ने जानकारी दी कि 15 अप्रैल से सफारी जोन को पर्यटकों के लिए खोले जाने की योजना है। स्थानीय लोग पहले से अपनी जिप्सी और गाइड सेवाओं के लिए पंजीकरण करा सकेंगे, ताकि वे सफारी संचालन का हिस्सा बन सकें।

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पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, सफारी स्थल तक पहुंचने के लिए यात्रा मार्गों की दूरी भी निर्धारित की गई है। दिल्ली से खटीमा की दूरी लगभग 290 किलोमीटर है, जबकि देहरादून से यहां तक पहुंचने के लिए करीब 280 किलोमीटर का सफर तय करना होगा। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क से यह जगह केवल 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे पहले से कॉर्बेट घूम चुके पर्यटक भी यहां आकर नया अनुभव ले सकेंगे।

हर साल हजारों पर्यटक जंगल सफारी का रोमांच उठाने के लिए जिम कॉर्बेट और राजाजी नेशनल पार्क जैसे वाइल्डलाइफ डेस्टिनेशन पर पहुंचते हैं। अब नंधौर और सुरई रेंज में जंगल सफारी की शुरुआत से पर्यटकों को एक नया रोमांचक सफर मिलेगा। सरकार का यह कदम न केवल पर्यावरण पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि वन्यजीव संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगा।

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