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जमरानी से हल्द्वानी करोड़ की लागत में पहुंचेगा पानी

मीनाक्षी

हल्द्वानी। जमरानी बांध से हल्द्वानी तक पानी पहुंचाने में 804 करोड़ रुपये की लागत खर्च होगी। जल निगम ने जमरानी पेयजल योजना का डिजाइन बनाकर डीपीआर तैयार कर ली है। शहरी के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र को योजना में शामिल किए जाने से योजना के खर्च में 254 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हो गई है। योजना के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों को भी शहरी मानक के अनुसार पेयजल मिलेगा। पेयजल और सिंचाई के लिए गौला नदी के अपस्ट्रीम में सिंचाई विभाग ने जमरानी बांध के बनाए जाने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। नदी के छोर पर बनाई जा रही टनल का काम पूरा होते ही बांध का निर्माण शुरू हो जाएगा। वहीं बांध से हल्द्वानी तक पेयजल पहुंचाने के लिए योजना का निर्माण जल निगम ने किया है। विभाग की तरफ से पूर्व में बनाए गए डिजाइन और 550 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर मूल्यांकन के लिए आईआईटी रुड़की भेजा गया। वहां से मिले सुझावों के अनुसार विभाग ने इसमें जरूरी बदलाव किए हैं। इसके साथ ही हल्द्वानी शहर के नजदीकी गांवों में बढ़ रही पानी की मांग को देखते हुए इन्हें भी योजना में शामिल किया गया है। ऐसे में अब योजना का खर्च बढ़ कर 804 करोड़ रुपये हो गया है। जिससे अब बांध से घर तक पानी पहुंचने में 254 करोड़ रुपये ज्यादा खर्च होंगे।पेयजल के मानक के अनुसार शहरी क्षेत्र में एक व्यक्ति को रोजाना 135 लीटर पानी की जरूरत होती है। वहीं ग्रामीण में 55 लीटर पानी की जरूरत बनी रहती है। हल्द्वानी के ग्रामीण क्षेत्रों के हो रही शहरीकरण से यहां के निवासियों की पानी की मांग बढ़ रही है। इसके समाधान के लिए जमरानी पेयजल योजना में उन्हें 135 लीटर के मानक के अनुसार पानी दिया जाना प्रस्तावित किया गया है।

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पांच साल तक जल निगम करेगा रखरखाव

जमरानी पेयजल योजना के निर्माण के साथ ही जल निगम अगले पांच साल तक योजना के रखरखाव का काम भी करेगा। इसके लिए 74 करोड़ का बजट खर्च होगा। विभाग ने इसके लिए पेयजल योजना में इसका प्रावधान भी किया है।

कोट::

जमरानी पेयजल योजना की संशोधित डीपीआर बनाई गई है। बांध से पानी शहरी के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में पानी पहुंचाए जाने से योजना में 804 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

अशोक कटारिया, अधिशासी अभियंता जल निगम

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