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भ्रष्टाचार पर नकेल कसने की बड़ी तैयारी: धामी कैबिनेट ने विजिलेंस ढांचे को पूरी तरह बदला, जानें नये नियम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है। विजिलेंस के ढांचे का पुनर्गठन करते हुए 11 पदों को समाप्त और नए पदों का सृजन किया गया है। जानिए कैबिनेट के अन्य महत्वपूर्ण फैसले।

भ्रष्टाचार पर नकेल कसने की बड़ी तैयारी: धामी कैबिनेट ने विजिलेंस ढांचे को पूरी तरह बदला, जानें नये नियम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Img- Pinterest)

Dehradun: उत्तराखंड सरकार ने राज्य में भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसने वाली सबसे प्रमुख एजेंसी ‘विजिलेंस अधिष्ठान’ की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और हाई-टेक बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में चंपावत के बनबसा में हुई कैबिनेट बैठक में विजिलेंस के पूरे प्रशासनिक ढांचे के पुनर्गठन को हरी झंडी दे दी गई।

इस नए फैसले के तहत विभाग के पुराने ढर्रे को बदलते हुए निचले स्तर के 11 पदों को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है, जबकि तकनीकी और जिम्मेदारी वाले 6 नए पदों के सृजन के साथ 5 पदों में बढ़ोतरी की गई है।

11 पुराने पद खत्म, हेड कांस्टेबल और एएसआई के पदों पर हुई बढ़ोतरी

पुनर्गठन की इस नई व्यवस्था में नागरिक पुलिस के 8 कांस्टेबल, 1 डाक रनर कांस्टेबल और 2 ड्राइवर कांस्टेबल के पद समाप्त किए गए हैं। इसके स्थान पर विजिलेंस को मजबूती देने के लिए हेड कांस्टेबल नागरिक पुलिस के 5 पदों की वृद्धि की गई है।

इसके अलावा सिविल पुलिस के 3 एएसआई (ASI), हेड कांस्टेबल डाक रनर का 1, हेड कांस्टेबल चालक का 1 और एएसआई चालक का 1 नया पद सृजित किया गया है। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से जांच में तेजी आएगी और वरिष्ठ अधिकारियों को कुशल स्टाफ मिल सकेगा।

14 दिनों के नोटिस पर नियुक्त हो सकेंगे सहायक लोक अभियोजक

कैबिनेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 19(3) को लागू करने के लिए अधिसूचना जारी करने पर भी मुहर लगाई है। इस नए नियम के लागू होने से जिला मजिस्ट्रेट (DM) को बड़ी शक्ति मिल गई है। अब विशेष या आपातकालीन परिस्थितियों में डीएम राज्य सरकार को केवल 14 दिनों का नोटिस देकर किसी भी योग्य व्यक्ति को संबंधित मामले के लिए सहायक लोक अभियोजक (विशेष सरकारी वकील) नियुक्त कर सकेंगे। इससे अदालतों में लंबित सरकारी मामलों की पैरवी में आसानी होगी और मुकदमों का निपटारा तेजी से हो सकेगा।

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देश के नए कानूनों के साथ बैठाया तालमेल

धामी सरकार ने विजिलेंस से जुड़े वर्ष 1965 के ऐतिहासिक लेकिन पुराने पड़ चुके नोटिफिकेशन में बड़े संशोधनों को मंजूरी दी है। देश में लागू हुई नई भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत पुराने आईपीसी और सीआरपीसी के नियमों को बदलकर नए प्रावधानों के अनुरूप ढाला गया है।

60 साल पुराने नियमों में यह ऐतिहासिक बदलाव इसलिए किया गया है ताकि विजिलेंस के अधिकारी नए आपराधिक कानूनों के तहत अपराधियों और भ्रष्टाचारियों पर कानूनी शिकंजा कस सकें।

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