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उत्तराखण्ड

उत्तराखंड के 10 जिलों के 63 नगरों में लागू होगा मास्टर प्लान, पढ़िए पूरी गाइडलाइन

देहरादून। उत्तराखंड में पहाड़ से लेकर मैदान तक लोग अपनी मनमानी करके भवनों का निर्माण कर रहे हैं। मगर अब इस तरह के भवन निर्माणों पर रोक लगने वाली है।उत्तराखंड के 63 नगरों में मास्टर प्लान लागू किया जाएगा।

इसे तैयार करने के लिए पूरे राज्य को सात क्लस्टरों में बांटा गया है। राज्य के 18 शहरों में मास्टर प्लान पहले से लागू है। वहीं, सात शहरों में अमृत योजना के तहत काम अंतिम चरण में है। अब राज्य के नगर पालिका क्षेत्रों में मास्टर प्लान लागू करने की पहल के तहत, आवास विभाग के मानकों के अनुसार पहाड़ी क्षेत्रों में अधिकतम चार मंजिल या 12 मीटर ऊंचाई तक भवन निर्माण हो सकता है।

उत्तराखंड के कुछ नगरों में तो मास्टरप्लान लागू है, लेकिन कई नगरों में मास्टर प्लान लागू न होने से मनमाने निर्माण हो रहे हैं। जिससे यातायात सहित अन्य समस्याएं खड़ी हो रही हैं। इसीलिए शासन स्तर से नगर पालिका क्षेत्रों में मास्टर प्लान लागू करने का निर्णय लिया गया है।

63 नगरों का मास्टर प्लान तैयार करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू चुकी है। जल्द कंपनियों के साथ क्लस्टर के मुताबिक अनुबंध किया जाएगा।

राज्य के अल्मोड़ा, रानीखेत, भतरौंजखान, भिकियासैंण, द्वाराहाट, कपकोट, चमोली, कर्णप्रयाग, जोशीमठ, नंदप्रयाग, पीपलकोटी, पोखरी, थराली, टनकपुर, बनबसा, मंगलौर, भगवानपुर, झबरेड़ा, लंढौरा, रामनगर, कालाढूंगी, लालकुआं, दुगड्डा, कोटद्वार, श्रीनगर, सतपुली, धारचूला, डीडीहाट, पिथौरागढ़, बेरीनाग, गंगोलीहाट, रुद्रप्रयाग, अगस्त्यमुनि, तलवाड़ी, ऊखीमठ, चंबा, देवप्रयाग, नरेन्द्र नगर, टिहरी, चमियाला, गजा, घनसाली, कीर्तिनगर, लंबगांव, बार अगला गदरपुर, किच्छा, खटीमा, जसपुर, सितारगंज, दिनेशपुर, गुलरभो केलाखेड़ा, महुआडाबरा, नानकमत्ता, शक्तिगढ़, सुल्तानपुर पट्टी, बड़कोट, चिन्यालीसौंड़, उत्तरकाशी, गंगोत्री, नौगांव, पुरोला का मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। इससे यहां लोगों की मनमर्जी से होने वाले कंस्ट्रक्शन पर रोक लगेगी।

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