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उत्तराखण्ड

चारधाम यात्रा 2025: पंजीकरण अनिवार्य, हेलीकॉप्टर टिकट से लेकर निजी वाहनों तक के लिए नए नियम लागू

देहरादून: चारधाम यात्रा 2025 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके साथ ही हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए भी रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। इस वर्ष चारधाम यात्रा 30 अप्रैल से प्रारंभ हो रही है और इसे सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रशासन ने कई नए नियम लागू किए हैं।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। ऑनलाइन पंजीकरण करने के लिए तीर्थयात्रियों को उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in पर जाना होगा, जहां वे अपनी जानकारी दर्ज कर यात्रा के लिए पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अलावा, हरिद्वार और ऋषिकेश में पंजीकरण केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी जाएगी। ऑफलाइन पंजीकरण यात्रा शुरू होने से दस दिन पहले प्रारंभ किया जाएगा। इस बार आधार कार्ड को पंजीकरण के लिए अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाया जा सके।

हेलीकॉप्टर से केदारनाथ और बदरीनाथ जाने की योजना बना रहे श्रद्धालुओं को ध्यान रखना होगा कि बिना पंजीकरण के उन्हें हेलीकॉप्टर टिकट नहीं मिलेगा। श्रद्धालु इस संबंध में किसी भी जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 01351364 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, 01352559898 और 01352552627 पर भी अधिक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

इस बार चारधाम यात्रा में निजी वाहनों का भी पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। बाहरी राज्यों से आने वाले निजी वाहनों के मालिकों को अपना वाहन पंजीकृत करवाना होगा और इसके लिए उन्हें ऑनलाइन डिक्लेरेशन फॉर्म भरना अनिवार्य होगा। जिन वाहनों का पंजीकरण नहीं होगा, उन्हें ऋषिकेश में पार्क करना पड़ेगा और वहां से श्रद्धालुओं को स्थानीय कमर्शियल वाहनों के माध्यम से आगे की यात्रा करनी होगी।

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यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पूरे मार्ग पर चेकिंग बढ़ा दी है। उत्तराखंड में प्रवेश करने के बाद चारधाम यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं को तीन अलग-अलग स्थानों पर रोका जाएगा, जहां उनके पंजीकरण, वाहन के कागजात और आधार कार्ड की जांच की जाएगी। इसके अलावा, उत्तराखंड में प्रवेश करने वाली सभी सीमाओं पर भी वाहनों की गहन जांच अनिवार्य की गई है, ताकि यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे यात्रा के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेज अपने साथ रखें और नियमों का पालन करें। सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए सभी तीर्थयात्रियों से सहयोग की अपेक्षा की जा रही है।

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