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उत्तराखण्ड

एच एस सी में सम्पन्न हुआ सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों का एक्सपेंडेड सर्विसेज प्रशिक्षण

पिथौरागढ। हिमालय अध्ययन केन्द्र द्वारा चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सहयोग से चिकित्सा स्वास्थ्य के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मूल उद्देश्यों के प्रति संवेदनशील करने के उद्देश्य से जनपद के स्वास्थ्य अधिकारियों, समुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं विकास खण्ड स्तरीय चिकित्सा धिकारियों का सघन प्रशिक्षण चलाया जा रहा है।

प्रशिक्षण के पहले दिन समस्त चिकित्सा अधिकारियों को जलवायु परिवर्तन के विविध प्रभावों पर जागरूक किया गया और समुदाय स्वास्थ्य पर जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले नकारात्मक प्रभावों पर चर्चा की गयी। उपस्थित प्रतिभागियों ने इस गंभीर विषय पर अपने-अपने विचार रखे और भविष्य में समुदाय स्वास्थ्य की रक्षा हेतु कार्ययोजना तैयार की। कार्यक्रम के दुसरे दिन सामुदाय स्वास्थ्य अधिकरियों का एक्सपेन्डेड सर्विसेज प्रशिक्षण दिया गया। इसके अन्तर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मूल उद्देश्यों और इसकी गाइड लाइन पर विस्तार से चर्चा हुई तथा समुदाय स्वास्थ्य अधिकारियों को पंचायत स्तर पर समुदाय के साथ सहभागिता पूर्ण व्यवहार से कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

इस विषय में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा किये गये स मझौते का भी संज्ञान लिया गया। जिसमें 2030 तक प्रत्येक गांव को स्वस्थ्य गांव बन जाने की घोषणा की गयी है। स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत चल रहे स्वास्थ्य शिक्षा, स्वास्थ्य रक्षा और उपचार के विविध कार्यो में पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों और समुदाय स्तर पर सामाजिक कार्यकर्ताओं का सहयोग भी सुनिश्चित कारने की चर्चा की गयी। गांव के स्तर पर कार्य कर रही आशा कार्यकर्तियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों और ए.एन.एम. को इस पूरे कार्यक्रम में साथ लेकर सहभागी रूप से भविष्य में कार्य करने के मिशन के उद्देश्य को सभी उपस्थित प्रतिभागियों ने ठीक से समझा और जन स्वास्थ्य रक्षा के लिये अपनी-अपनी भूमिका सुनिश्चित करने की रणनीति तैयार की।

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यह कार्यक्रम समुदाय स्वास्थ्य के स्तर पर एक अति महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया गया। प्रशिक्षण के अगले चरण में जनपद के समस्त ए.एन.एम. और आशा कार्यकर्तियां बारी-बारी से भाग ले रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एच.एस. ह्यांकी ने समस्त उपस्थिति प्रतिभागियों को बताया कि बिना स्वास्थ्य मिशन के मूल उद्देश्यों को समझे हम समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य कार्यक्रम को प्रभावी नहीं बना सकते है। अतः इस तरह के प्रशिक्षण सभी के लिए अति आवश्यक है। उन्होंने हिमालय अध्ययन केन्द्र के सहयोग की प्रसंशा करते हुए बताया कि संस्था द्वारा पिछले 40 वर्षो से हिमालय के दूरस्थ गांवों में स्वास्थ्य शिक्षा का कार्य किया जा रहा है और अब स्वस्थ्य ‘हमालय के लिए साथ चलेंगे’ नाम से अभियान भी चलाया जा रहा है।

उन्होंने सभी उपस्थित प्रतिभागियों को कहा कि संस्था के इस अभियान में हम सभी की भागीदारी आवश्यक है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के प्रशिक्षकों के साथ-साथ हिमालय अध्ययन केन्द्र के कार्यक्रम प्रभारी उत्कर्ष जोशी, चन्द्रशेखर ओझा आदि ने सहयोग किया। अध्ययन केन्द्र के निदेशक डा. दिनेश जोशी ने समस्त प्रतिभागियों का उत्साहपूर्वक भाग लेने हेतु उन्हें शुभकामनाऐं दी।

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