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उत्तराखण्ड

बनियाकुंड में वन आरक्षित क्षेत्र से हटाया अतिक्रमण; 200 मीटर आरक्षित वन भूमि पर पाया कब्जा

वन विभाग, जिला प्रशासन व पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने चोपता क्षेत्र के बनियाकुंड में वन आरक्षित क्षेत्र में अतिक्रमण हटाया, जिसमें करीब 20 ढ़ाबे और रेस्टोरेंट को तोड़ा गया। साथ ही 200 मीटर आरक्षित वन भूमि को कब्जे में लिया गया।

प्रभागीय वनाधिकारी अभिमन्यु ने बताया कि वन प्रभाग रुद्रप्रयाग अगस्त्यमुनि रेंज के आरक्षित वन क्षेत्र चोपता के बनियाकुंड में यह कार्रवाई की गई। बताया कि भारतीय वन अधिनियम में चिह्नित व्यक्तियों के विरुद्ध बेदखली की कार्यवाही अमल में लाई गई। इसके साथ ही दो वर्षों की सुनवाई व कई अवसर दिए जाने के बाद भी अतिक्रमणकारियों ने प्रश्नगत भूमि पर अपना स्वामित्व साबित नहीं किया, जिस पर बेदखली का आदेश पारित किया गया। कहा कि करीब 20 व्यक्तियों के अप्राधिकृत अध्यासनों से लगभग 200 मीटर आरक्षित वन भूमि को कब्जे में लिया गया।

अवैध कब्जे को हटाया
उच्च न्यायालय नैनीताल के निर्देशों के अनुपालन में राष्ट्रीय एवं राजमार्ग के समीप वन क्षेत्र में किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि पूर्व में ही ढाबा, रेस्टोरेंट आदि प्रतिष्ठानों को हटाए जाने को लेकर अवगत कराया गया था। कब्जाधारी व्यक्तियों ने स्वयं अपना सामान हटाया, जिसके लिए विभाग ने पूर्ण समय दिया। गुरुवार को विभाग ने पक्के किए गए अवैध कब्जे को हटाया।

इस मौके पर थे उपस्थित
इस मौके पर तहसीलदार ऊखीमठ दीवान सिंह राणा, रेंज क्षेत्राधिकारी अगस्त्यमुनि यशवंत सिंह चौहान, खांकरा दिनेश चंद्र जोशी, रुद्रप्रयाग संजय कुमार, थानाध्यक्ष ऊखीमठ सुरेश चंद्र बलूनी सहित वन विभाग, राजस्व विभाग सहित बड़ी मात्रा में पुलिस बल मौजूद था।

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