दस साल से चल रहा था प्रेम प्रसंग, संदिग्ध परिस्थितियों में प्रेमी की मौत, नहीं मिली पोस्ट मार्टम रिपोर्ट

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ओखलकांडा(नैनीताल)। उत्तराखंड में पिछले कुछ समय से प्रेम प्रसंग से जुड़ी तमाम ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं जिनका हश्र चौका देने वाला है। ऐसा ही एक मामला ओखलकांडा के करायल गांव से जुड़ा हुआ है। गरीब परिवार से आगे बढ़कर तरक्की कर रहा युवक भूपेश प्रेम प्रसंग के जाल में फंस गया और दस साल तक चले प्रेम प्रसंग के बाद आखिरी दौर में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मौत हुई या उसे बुलाकर मारा गया इस बात की अभी तक पुष्टि नहीं हो पायी है। परिजनों का कहना है कि मृतक की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट तक उन्हें नहीं मिली है।

गौरतलब है कि ओखलकांडा के करायल गांव का रहने वाला भूपेश बहुगुणा भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा के साथ बतौर पीआरओ काम करता था। बीच बीच में देहरादून आना जाना लगा रहने के साथ ही इस दौरान भूपेश का उत्तरकाशी नगाण गांव की रहने वाली युवती वंदना चौहान के साथ प्रेम हो गया।

बताया गया कि वंदना देहरादून में रहकर कोचिंग कर रही थी। दोनों के बीच पिछले करीब10 साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। मृतक भूपेश बहुगुणा के भाई तारा दत्त ने बताया कि उसका भाई पिछले कई सालों से घर में कुछ भी पैसा लेकर नहीं आता था, उसने अपना सारा पैसा प्रेमिका वंदना पर खर्च किया। यही नहीं सही राजनीतिक संबंधों के चलते भूपेश ने वंदना की नौकरी तक लगा दी। नौकरी लगने के बाद वंदना भूपेश से कटने लगी थी, भाई तारा दत्त उर्फ सूरज बहुगुणा के मुताबिक आखिरी बार 7 सितम्बर को वंदना ने भूपेश को उत्तरकाशी बुलाया। उसी दिन शाम को लगभग साढ़े पांच बजे भूपेश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

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भूपेश की मौत जहर खाने से होना बताया गया है। लेकिन सही तथ्यों की आज तक पुष्टि नहीं हो सकी है। जहर खाया या खिलाया गया यह भी संदिग्ध मामला है। परिजनों के मुताबिक भूपेश की आज तक पोस्ट मार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है। बताया गया कि तमाम व्हाट्सएप चेट,पत्र आदि को देखकर लगा कि नौकरी लगने के बाद से वंदना के हावभाव बदलने लग गए थे। वह भूपेश से दूरियां बनाने लग गयी थी। तब भूपेश ने एक पत्र लिखकर वंदना को नौकरी से हटवाने की मांग भी की थी।
बताया गया कि वंदना की नौकरी भी यूकेएसएसएससी के अंदर फर्जी तरीके से हुई है। भूपेश की मौत के बाद परिजन सदमे में हैं। उन्होंने उत्तरकाशी के प्रशासन से भूपेश की मौत के कारणों की जांच करने की मांग की थी, लेकिन उस पर कोई करवाई नहीं हुई। बताया गया मृतक भूपेश की प्रेमिका वर्तमान में एडीएम कार्यालय उत्तरकाशी में स्टैनो के पद पर कार्यरत है। परिजनों का कहना है कि मामले में आज तक कोई करवाई न होना बहुत बड़ी साजिश नजर आ रही है।

उत्तराखंड में एक तरफ अंकिता हत्याकांड जैसे मामले में फ़ास्ट ट्रैक पर कार्यवाही की जा रही है दूसरी तरफ एक गरीब परिवार का युवा उत्तरकाशी बुलाया जाता है और उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाती है। परिजनों का आरोप है मौत के पीछे छिपे हुए राज को खोलना तो दूर की बात रही, उसके पोस्ट मार्टम रिपोर्ट तक नहीं मिली है। मृतक के भाई ने सरकार से मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषी के विरुद्ध आवश्यक करवाई करने की मांग की है।

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रिपोर्ट-शंकर फुलारा

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