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हल्द्वानी-अहमदाबाद में अंतिम साँसे गिन रहे बची की सुशीला तिवारी में पहुँच कर बची जान
मीनाक्षी
हल्द्वानी। गुजरात के अहमदाबाद से 29 घंटे एंबुलेंस में 1250 किमी का सफर तय कर एक मरीज राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) पहुंचा। यहां उपचार के साथ उसकी हालत में सुधार हो रहा है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी स्वयं उसका उपचार कर रहे हैं।
मूलरूप से चम्पावत के वालिक गांव के रहने वाले 32 वर्षीय बची सिंह गुजराज के अहमदाबाद में एक एमएनसी कंपनी में साइड इंचार्ज के पद पर काम करते हैं। परिजनों के मुताबिक बीती 22 फरवरी को उनका शुगर लेवल एक हजार तक पहुंच गया। बेहोशी की हालत में उन्हें अहमदाबाद में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह ब्रेन स्ट्रोक, लीवर और किडनी की परेशानी के साथ ही हार्ट और फेफड़ों में भी संक्रमण बढ़ गया। वहां उपचार में करीब 14 लाख की रकम खर्च हो गई है। फिर भी सेहत में कोई सुधार नहीं हो पाया है।
मरीज की पत्नी आशा अपने दो बच्चों के साथ यहां छड़ायल में रहती हैं। उन्होंने पति के स्वास्थ्य के बारे में पड़ोसियों और परिजनों को जानकारी दी। इस पर पड़ोसियों ने डॉ. अरुण जोशी के बारे में बताया। रिपोर्ट देखने के बाद डॉ. जोशी ने मरीज को एसटीएच लाने को कहा। इसके बाद बीते 12 मार्च को परिजन सुबह 7 बजे मरीज को एंबुलेंस से हल्द्वानी लेकर आए। गुजरात से एमपी, यूपी होते हुए हल्द्वानी पहुंचे। 13 मार्च को दिन में 12 बजे मरीज को एसटीएच में भर्ती किया गया। अब
मरीज बची सिंह ने बताया कि अहमदाबाद में उनका शुगर लेवल एक हजार पहुंच गया था। तब लगा कि बच नहीं पाऊंगा, लेकिन यहां डॉक्टरों ने मुझे बचा लिया। अब मेरे स्वास्थ्य में काफी सुधार है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि मरीज की हालत में काफी सुधार है।

