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उत्तराखण्ड

सर्दियों के सीजन में नहीं होगा प्रदेश में बिजली संकट, केंद्र से मिली 1589 मेगावाट बिजली

देहरादून: उत्तराखंड में सर्दियों के सीजन में बिजली की किल्लत नहीं होगी। केंद्र ने छह माह के लिए 1589 मेगावाट बिजली दे दी है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया। यह बिजली एक अक्तूबर से मिलनी शुरू होगी।

यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने बताया कि केंद्र ने गैर आवंटित कोटे से एक अक्तूबर से 31 मार्च 2024 तक माहवार बिजली आवंटन का आदेश जारी किया है। इसके तहत अक्तूबर माह में 456 मेगावाट, नवंबर में 378 मेगावाट, दिसंबर में 78 मेगावाट, जनवरी में 169 मेगावाट, फरवरी में 195 मेगावाट और मार्च में 313 मेगावाट बिजली मिलेगी।

केंद्र ने अपने सेंट्रल पूल से चंडीगढ़, हिमाचल, जम्मू कश्मीर और उत्तराखंड को नार्दर्न ग्रिड से बिजली देने का ये आदेश जारी किया है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह से अक्तूबर के बाद प्रदेश में बिजली संकट की आशंका के बीच माहवार बिजली की मांग की थी। उन्होंने सैद्धांतिक मंजूरी दी थी।

ठंड में जलस्तर की कमी से घटता है उत्पादन

सर्दियों में प्रदेश की नदियों का जलस्तर गिर जाता है, जिससे यूजेवीएनएल का बिजली उत्पादन गिर जाता है। पिछले साल का आंकड़ा देखें तो एक अक्तूबर को यूजेवीएनएल का उत्पादन 2.4 करोड़ यूनिट, एक नवंबर को 1.2 करोड़ यूनिट, एक दिसंबर को 90 लाख यूनिट, एक जनवरी को एक करोड़ यूनिट उत्पादन हुआ था जबकि मांग इसके सापेक्ष कहीं ज्यादा होती है। वर्तमान में यूपीसीएल 4.4 करोड़ यूनिट की मांग पूरी कर रहा है, जिसमें यूजेवीएनएल से करीब 2.1 करोड़ यूनिट बिजली मिल रही है।

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