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उत्तराखण्ड

पीएम कर सकते हैं पिथौरागढ़ के गूंजी का दौरा, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक, तय होगा एजेंडा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीमांत जिले पिथौरागढ़ के गूंजी का दौरा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की पीएम से यही चाहत है। उन्होंने प्रधानमंत्री व केंद्रीय नेतृत्व से इस संबंध में आग्रह भी किया है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष भट्ट के मुताबिक, पीएम से जैसे ही अनुमति मिलेगी, पिथौरागढ़ में उनकी शानदार रैली कराई जाएगी।भट्ट ने कहा कि शनिवार को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक होगी, जिसमें 30 मई से शुरू होने वाले राष्ट्रव्यापी महा जनसंपर्क अभियान की कार्ययोजना तय की जाएगी।

कार्यसमिति का एजेंडा तय करने के लिए शुक्रवार को प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक होगी, जिसमें मुख्यमंत्री व पार्टी के सांसद शामिल होंगे।बैठक में कार्यसमिति के एजेंडे और प्रधानमंत्री के संभावित दौरे के बारे में विचार-विमर्श होगा। कार्यसमिति की बैठक में अभियान के अखिल भारतीय संयुक्त प्रभारी तरुण चुघ, राष्ट्रीय महामंत्री व प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम व प्रदेश सह प्रभारी रेखा वर्मा का भी मार्गदर्शन मिलेगा।अभियान लोकसभा स्तर पर संचालित होना है।

लिहाजा कार्यसमिति में सभी लोस व राज्य सभा सांसदों, पदाधिकारियों व विधायकों, जिपं अध्यक्षों, महापौर, नगर पालिका अध्यक्षों को भी बुलाया गया है। उन्होंने बताया कि नई तकनीक का इस्तेमाल कर नई तकनीक का इस्तेमाल करते हुए जनसंपर्क अभियान को अधिक सटीक और प्रमाणिक बनाने के लिए घर के मुखिया से अभियान के फोन नंबर पर मिस्ड कॉल भी कराया जाएगा।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस व विपक्षी दलों को सलाह दी है कि वे जनभावनाओं का ख्याल रखते हुए बागेश्वर उपचुनाव में उम्मीदवार न उतारने पर विचार करें अन्यथा भाजपा का रिकार्ड मतों से जीतना तय है। उन्होंने कहा कि बागेश्वर उपचुनाव में भी भाजपा का डंका बजेगा। पार्टी शानदार जीत दर्ज करेगी।

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स्वर्गीय चंदन रामदास ने अपने कार्यकाल में क्षेत्र के चहुंमुखी विकास कराया। लिहाज़ा जनता का शत-प्रतिशत आशीर्वाद हमें प्राप्त होगा। कांग्रेस के लोग दावेदारी से भी पीछे हट रहे हैं। उन्हें उम्मीदवार ही नहीं मिल रहा है। हमें पूर्ण विश्वास है कि राज्य के अन्य चुनावों की तरह यहां भी हम एकतरफा जीतने वाले हैं।भट्ट ने कहा कि लोगों को कांग्रेस से जोड़ने के अभियान की जगह उन्हें अपनी पार्टी के नेताओं को आपस में जोड़ने पर काम करना चाहिए । उन्होंने अल्मोड़ा व हरिद्वार लोकसभा तक सीमित रहने की बात को उनकी नैतिक हार बताते हुए कहा कि उन्होंने पांच सीटों से स्वयं को दो सीटों तक सीमित कर दिया है। वहां की जनता उन्हें पहले ही कई मर्तबा नकार चुकी है।

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