वन पंचायत में प्रस्ताव लाकर कोड़ियो के भाव बेच दी करोड़ों की जमीन

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दन्या। अल्मोड़ा जिले के धौलादेवी ब्लॉक स्थित दन्या क्षेत्र की मुनौली वन पंचायत की जमीन पर अतिक्रमण का मामला सामने आने से खलबली मच गई। मुनोली वन पंचायत अल्मोड़ा पिथौरागढ़ हाईवे में दन्या बाजार से सटी हुई है वन पंचायत की जमीन प्राइम लोकेशन वाली है। इस जमीन पर कई सालो से दबंग किस्म के लोगो का कब्ज़ा है। अब तक इस जमीन पर होटल, ढाबे, प्राइवेट स्कूल, क्लीनिक, मकान, दुकाने जैसे कई व्यावसायिक निर्माण हो चुके हैं। इतना ही नही इस जमीन पर अवैध रूप से प्लाटिंग तक की जा रही है और बाहरी लोगों को बसाया जा चुका है। पिछले 10-15 सालो के भीतर इस वन पंचायत से देवदार,बांज, बुराँस, चीड़ आदि प्रजातियो के सैकड़ों पेड़ कटे जा चुके है और हजारों के संख्या में वन्य जीवों का शिकार कर लिया गया है। इन अतिक्रमणकारियों की दबंगई तब सामने आयी जब एक व्यक्ति को उसे अपनी ही पक्के जमीन में मकान बनाने से रोक दिया तब पीड़ित ने शिकायत तो ये प्रकरण मुखर हो गया ।

मुनोली के पूर्व सरपंच गोविंद गोपाल की माने तो वन पंचायतो की खुली बैठकों मे अवैध ढंग से हज़ार- दो हज़ार रूपये मे जंगल की जमीनों का सौदा किया गया । इन जमीनों की रजिस्ट्री तो सम्भव नही थी, लिहाजा सस्ते दामों मे खरीदी गयी जमीनों को एक से दूसरे और दूसरे से तीसरे व्यक्ति को बेच दिया गया। इस बीच दबंग किस्म के कुछ लोगों ने एक के बाद एक कई जमीनों और बचे जंगले में भी कब्ज़ा कर व्यावसायिक निर्माण कर लिया। इसी लूट में कब्जे के बाद वन पंचायत से सैकड़ों पेड़ भी खुर्द-बुर्द कर दिए गया और हजारों की तादाद में वन्य जीवों का शिकार कर लिया गया।
समाज सेवी गोविन्द गोपाल के मुताबिक, जब वह इस वन पंचायत के सरपंच बने, तो उन्हें पुरानी बैठकों के प्रस्ताव मिले, उन प्रस्तावों के जरिये ही जमीनों के सौदे किये गये थे।

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संवाददाता – खजान पाण्डेय