बारिश से नही साहब रोड से डर लगता है❓

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रोड जहा विकास का प्रतीक समझा जाता हैं वही अब यही रोड डराने लगी हैं। लोगों में डर इस कदर व्याप्त हो गया है कि वे अपने चिर -परिचित, बच्चों आदि की चिंता में बाजार आने – जाने पर कुशल शेम पूछते नज़र आ रहे हैं। उनके हाथ मे सिवाय इसके कुछ है भी नही।
ज़िला मुख्यालय से मात्र तीन किमी की दूरी पर गिरीछिना डोबा मोटर मार्ग द्वारिकाछीना पर तहस नहस हो चुका हैं।
ऊपर पहाड़ी से मलवा लगातार रोड पर गिरकर इसको लीले जा रहा हैं। रोड में बिछी मिट्टी धसती जा रही हैं। जगह -जगह दरारें व चकते पढ़े हैं। किसी भी समय दुर्घटना जन्म ले सकती हैं। लेकिन आश्चर्यजनक बात है जिन लोगों, विभागों पर यह ज़िम्मेदारी है वो इस पूरे सीन से नदारद हैं। बड़ा हाथी की तरह यदा कदा जेसीबी खड़ी जरूर नज़र आ जाती हे। वह भी रोड़ में आये पत्थर, पेड़ और बड़े मलवे को ठिकाने लगाकर चलता हो जाता हैं। शेष रोड को उसके भाग्य पर छोड़कर दुर्भाग्य को न्योता दे आती हैं। निरीह जनता दिन भर अपने बच्चों, बड़ो, महिलाओं के जीवन को लेकर दुबली होती रहती हैं। गौरतलब है रोड़ी, पत्थरो आदि के चक्कर मे पहाड़ों की जड़ें पहले ही खुद चुकी होती है। अवैज्ञानिक तरीक़े से खोदा गया पहाड़ जानलेवा साबित हो रही है। स्थानीय जन प्रतिनिधियों,मंत्रियों, विधायको ,प्रशासन के संज्ञान में ये खराब रोड की जानकारी भलीभांति है।

कई बार ग्राम प्रधान दीपा देवी लेटी, सामाजिक कार्यकर्ता गोविंद सिंह दयारकोटी और जौलकण्डे के क्षेत्र पंचायत सदस्य जीवन राम के नेतृत्व में आंदोलन का धरना प्रदर्शन भी हो चुका हैं। सिवाय कोरे आश्वासन के और कुछ नही मिला। दर्शन सिंह ग्राम प्रधान सात रतबे का भी कहना है जनता को इस प्रकार तड़पाना कहा कि विकास है?. जनता अपने को ठगी सी महसूस कर रही हैं। लोगों को अब लगाने लगा है कि हमारी हैसियत सिर्फ वोट देंने तक के लिए ही रह गयी हैं। सवाल यह भी उत्तर ढूंढ रहा है कि आखिर जब देश जहा आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा है वही कब तक इन समस्याओं को उचित समाधान मिलेगा। या ऐसे ही कामचलाऊ व्यवस्था का बोझ ढोते फ़िरंगे। पूछने पर लोग बताते है – बारिश से नही साहब रोड से डर लगता हैं। आखिर ज़िम्मेदार विभाग कुम्भकर्णी नीद से कब जागेगा?.
ये क्षेत्र पांच हज़ार से भी अधिक जनसंख्या से सेवित है जो हर बड़े, छोटे काम के बागेश्वर बाजार पर आश्रित हैं। अधिकांश लोगो की आर्थिकी भी इससे प्रभावित हो रही है। कला शिक्षक हयाद राम,मोहन सिंह दयारकोटी, कुंदन सिंह, गोविंद सिंह दयारकोटी, सामाजिक कार्यकर्ता व शिक्षक प्रेम प्रकाश उपाध्याय ‘नेचुरल’, व्यायाम शिक्षक व राज्य आंदोलनकारी प्रताप सिंह रावत ,सामुदायिक सेवा केंद्र के संचालक राजेश जोशी ,शिक्षक ललित मोहन टम्टा,सहित आदि ने रोड को जल्दी ठीक करने को कहा हैं।

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