जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर हैं बच्चे, जोखिम में भविष्य बनाने जा रहे नन्हे जान

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पिथौरागढ़। सीमांत क्षेत्र झूलाघाट के गेठीगडा में संचालित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय वर्ष 2009-10 में बनकर तैयार हुआ था। गांव में स्कूल खुलने से पहले छोटे बच्चों को पांच किलोमीटर दूर झूलाघाट जाकर पढ़ना पड़ता था।13 वर्ष में ही भवन जर्जर हालात में पहुच गया जिसके चलते जूनियर के छात्र छात्राओं को प्राइमरी स्कूल के अतिरिक्त कक्ष में पढ़ना पढ़ रहा है।

सामजिक कार्यकर्ता व प्रधान प्रतिनिधि पुष्कर गोबाड़ी ने बताया की इन कक्षाओं में बच्चों को पढ़ाना खतरे से खाली नहीं है लगातार भवन की दीवारों व छतों से सीमेंट के टुकड़े गिर रहे है जिसके चलते भवन की छत गिरने का खतरा बना हुवा है लगातार प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी विभागीय लापरवाही बड़ी घटना को अंजाम दे सकती है।

प्रधान देवकी देवी ने कहा की जल्द से जल्द भवन का जीर्णोद्धार नहीं हुवा तो अभिभावकों सहित छात्रों के साथ जिला मुख्यालय में धरने को मजबूर होना पडेगा जिसकी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग व जिला प्रशासन की होगी।

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