मां से मिली समाजसेवा की प्रेरणा: आशा

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हल्द्वानी। समाजसेवी आशा शुक्ला ने मातृ दिवस (मदर्स डे) के मौके पर कहा मुझे मेरी मां से मिली प्रेरणा, उन्होंने कहा हम सभी लोग भली-भांति जानते हैं कि माँ, माताजी जैसे शब्दों में ममता का सार छुपा हुआ है। माँ और अम्मा जैसे शब्द भी एक बच्चे के जीवन को दिशा देते हैं और निस्वार्थ प्रेम की परिभाषा पूरी दुनिया को बताते हैं। इसमें तनिक भी संदेह नहीं है कि एक मां बच्चे की सबसे पहली गुरु होती है। अक्सर वह अपनी बच्चे की बेस्ट फ्रेंड का रोल भी निभाती है। यूं तो माँ के एहसास को जानने के लिए किसी खास दिन की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि माँ के साथ तो हर दिन बेहद खास होता है। लेकिन माँ की उपस्थिति और उनकी ममता को महसूस करने के लिए मई महीने में मदर्स डे जोश, उमंग और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

सामाजिक कार्यकर्ती और भाजपा महिला मोर्चा की नगर महामंत्री आशा शुक्ला ने मदर्स डे पर सभी माताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सलाम हैं उन सभी मांओ को जिन्होने विपरीत परिस्थितियों में अपने बच्चों को बुलंदियों की सीढ़ियां चढ़ाया। आशा शुक्ला बताती हैं कि वे खुद एक मां हैं और एक मां होने के नाते वो दुनिया की हर मां के जीवन संघर्ष को भलीभांति समझती हैं। बच्चों की परवरिश के लिए एक मां जो संघर्ष करती हैं वो इस दुनिया के लिए रहती दुनिया तक मिसाल रहेगा। आशा शुक्ला घर-परिवार की जिम्मेदारियों से इतर समाजसेवा में भी सक्रिय रहती हैं। जिसका श्रेय वो अपनी मां को देती हैं। वो कहती हैं कि यह मेरी मां की परवरिश का ही नतीजा है कि आज समाज के लिए मेरे दिल में संवेदनशीलता का अहसास रहता है।

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