Connect with us

उत्तराखण्ड

संडे स्पेशल- पहाड़ का दर्द: उत्तराखंड में खाली होते गांवों की व्यथा, युवा कर गए पलायन, अब बुढ़ापे का है रैनबसेरा

संडे स्पेशल में आज हम आपको ले चलते हैं जनपद अल्मोड़ा के मौलेखाल, जहां एक गांव का दर्द को समझकर आप अनुमान लगा सकते हैं कि उत्तराखंड के पहाड़ी गांवों की लगभग एक सी व्यथा है। भौतिक सुख सुविधाओं की होड़ तथा रोजगार की तलाश में भटकते युवा लगातार पलायन कर गए हैं। गांव, घर बुजुर्ग संभाले हुए हैं।

आईए अब ले चलते हैं मौलेखाल, अल्मोड़ा जिले के मौलेखाल में सड़क न होने से खदेरागांव में पिछले दिनों एक वृद्धा की मौत हो गई थी। इस गांव की स्थिति बेहद गंभीर है। यहां की 60 फीसदी आबादी इसलिए पलायन कर गई क्योंकि गांव तक सड़क ही नहीं है।  मौलेखाल में सड़क न होने से खदेरागांव में पिछले दिनों एक वृद्धा की मौत हो गई । ऐसे में बीमार और गर्भवतियां समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे थे। एक दशक पूर्व इस गांव में 500 की आबादी थी जो अब केवल 200 रह गई है। हालात यह हैं कि गांव में युवा नहीं हैं और यहां सिर्फ बुजुर्गों का बसेरा है। बूढ़ी आंखें अब भी गांव तक सड़क पहुंचने के साथ फिर से यहां बसासत बढ़ने की उम्मीद कर रही हैं मगर उनकी यह उम्मीद कब पूरी होगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। सड़क स्वीकृति के 17 साल बाद भी गांव तक सड़क नहीं पहुंच सकी है। अब आगे क्या उम्मीद करेंगे लोग।
स्थानीय लोगों की पीड़ा
वर्ष 2017 में सड़क स्वीकृत हुई थी। इसका अब तक अता-पता नहीं है। सड़क न होने से यहां के लोग समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे हैं और दम तोड़ रहे हैं। पूरा गांव पलायन की मार झेल रहा है। यह कहना है ग्राम प्रधान हेमा देवी का। ऐसे ही गांव के कुंदन सिंह कहते हैं, हमारी आंखें सड़क देखने के लिए पथरा गईं हैं। अब तो उम्र के इस पड़ाव में बगैर वाहन के गांव से बाहर निकलना भी मुश्किल है।

यह भी पढ़ें -  ऋषिकेश में पीएम मोदी कर रहे जनसभा को संबोधित

सड़क न होने से युवाओं ने गांव से पलायन कर लिया है। कोई सुविधा यहां नहीं है।सरकार का ध्यान भी इस गांव की ओर कतई नहीं है। बुवेर सिंह कहते हैं कुछ समय पूर्व एक महिला ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद शासन-प्रशासन को संज्ञान लेकर सड़क निर्माण की कार्यवाही शुरू करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इसका खामियाजा किसी अन्य को न भुगतना पड़े। गांव के बचेखुचे लोगों का कहना कि हमें यह लग रहा है कि आज भी हम गुलाम हैं। विकास के लिए गांवों को सड़क से जोड़ने के खूब दावे हो रहे हैं, लेकिन हमारे गांव के लोग सड़क न होने से मर रहे हैं। 
सहायक अभियंता, लोनिवि, सल्ट जेसी पांडे का कहना है कि कोट- सल्ट से खदेरागांव होते हुए देवीखाल तक सड़क प्रस्तावित है। पूर्व में सड़क के कुछ हिस्से का निर्माण किया गया जो विवाद के चलते रोक दिया गया। न्यायालय में वाद विचाराधीन होने से सड़क निर्माण रुका है।

मौलेखाल के इस गांव की तरह पहाड़ के अन्य गांवों की दास्तान हम उजागर करते रहेंगे, जुड़े रहें हमारे न्यूज पोर्टल के साथ। – आप भी अपने गांव की व्यथा हमें सीधे भेज सकते हैं।

Ad Ad Ad Ad Ad Ad
Continue Reading
You may also like...

More in उत्तराखण्ड

Trending News