बद्रीनाथ धाम के लिए वैकल्पिक मार्ग पर विचार करना जरूरी: वर्मा

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हल्द्वानी। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, उत्तराखंड द्वारा जोशीमठ आपदा पीड़ित परिवारों के विस्थापन हेतु प्रदेश सरकार को जगह चयनित कर केंद्र सरकार की मदद से एक नया शहर बसाना चाहिए। जैसे टिहरी डैम बनाते समय नई टिहरी शहर बसाया गया था। अब जोशीमठ अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र हो गया है वहां पर कभी भी भीषण आपदा आ सकती है।
संगठन के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा ने कहा कि संगठन की ओर से माननीय प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन प्रेषित किया जा रहा हैव जिसमें विस्थापितों को बसाने के लिए जोशीमठ आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित की जाने की मांग की गई है । साथ ही जोशीमठ आपदा को गंभीरता से लेते हुए इस बात को दृष्टिगत करने की मांग की गई है कि भूधसाव से बद्रीनाथ धाम वाला राष्ट्रीय राजमार्ग भी खतरे की जद में है। अतः हेलंग – जोशीमठ के सामने वाली पहाड़ी से वैकल्पिक मार्ग बनाने हेतु सर्वे कराकर इस पर यथाशीघ्र कार्यवाही करानी होगी।

इस संदर्भ में बाबू लाल गुप्ता , प्रमोद गोयल, चन्द्र शेखर पंत एवं एन सी तिवारी का कहना है कि भूगर्भ शास्त्रियों से भूधसाव पर पूरी रिपोर्ट लेकर हमें अपने पावन तीर्थ बद्रीनाथ धाम एवं हेमकुंड साहिब की आवाजाही पर भी ध्यान केंद्रित करना होगा। जिस प्रकार मुख्य राजमार्ग में दरारे पड़ती जा रही हैं उससे स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि कभी भी स्थिति बेकाबू हो सकती है। संगठन के जिलाध्यक्ष बिपिन गुप्ता व जोशीमठ से आये जिला महामंत्री हर्षवर्धन पाण्डे ने कहा कि आपदा पर आंख बंद कर निर्णय नहीं लिया जा सकता है वहां स्थिति विस्फोटक हो रही है ऐसे में त्वरित कार्रवाई की जानी चाहिए।

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