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उत्तराखण्ड

अपने तीन बच्चों को छोड़कर लिव इन रिलेशनशिप में रह रही मां ने अब चौथे के लिए महिला आयोग का खटखटाया दरवाजा

तीन बच्चों की मां और दो बच्चों के पिता लिव इन रिलेशन मे रह रहे थे। जिन्हें रहते हुए 11 साल हो गए थे जिसके बाद फिर एक दूसरे से अलग हो गए। तीन बच्चों को छोड़कर आई महिला ने अब लिव इन में पैदा हुए अपने 10 साल के बच्चे के लिए आवाज उठाई है।जानकारी अनुसार देहरादून निवासी एक परिवार में पति-पत्नी और दो बच्चे थे। वहीं दूसरे परिवार में पति-पत्नी के तीन बच्चे थे। दोनों परिवारों के महिला और पुरुष एक दूसरे के करीब आ गए और जिसके बाद दोनो ने अपने पुराने रिश्ते को तलाक दे दिया।पुरुष ने अपने दो बच्चों को छोड़कर पत्नी से तलाक ले लिया और महिला ने अपने तीन बच्चों को छोड़कर अपने पति से तलाक ले लिया। जिसके बाद यह महिला और पुरुष एक दूसरे के साथ लिव इन रिलेशन में रह रहे थे। लिव इन रिलेशन में रहते हुए दोनो को 11 साल हो गए। जिसके बाद उन्हें एक बच्चा हुआ जो अब 10 साल का हो गया, और एक बार फिर इनके रिश्ते में दरार आ गई। इसके बाद महिला ने महिला आयोग में शिकायत कर अपने बच्चे का हक मांगा है।11 साल में लिव इन रिलेशन में रहने के बाद महिला और पुरुष में अनबन होने लगी। इसकी बड़ी वजह थी कि कभी-कभी महिला अपने पहले पति के बच्चों को बुला लिया करती थी। लिव इन में रहने वाले पुरुष का कहना था कि हम इतना खर्च नहीं उठा सकते। हमारा 10 साल का बच्चा ही हमारे लिए वही काफी है। इस मामले में महिला आयोग की ओर से महिला को एक मुश्त कुछ रुपये भुगतान करने के लिए पुरुष से कहा गया है।आपकी जानकारी के लिए बता दें कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून में यह प्रावधान है कि यदि कोई महिला और पुरुष लिव इन रिलेशन में रहते हैं तो इस रिलेशन के बारे में रजिस्ट्रार को सूचना देना जरूरी होता है। इसके साथ ही अगर लिव इन रिलेशन समाप्त हो रहा है तो भी यह रजिस्ट्रार के समक्ष रखना होगा। वहीं, लिव इन रिलेशन में रहने के दौरान अगर बच्चे का जन्म होता है तो यह बच्चा भी वैध होगा। हालांकि अभी यह कानून राज्य में लागू नहीं हुआ है। महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने बताया कि इस मामले में अभी सुनवाई चल रही है।

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