उत्‍तराखण्‍ड मुक्‍त विश्वविद्यालय की उपलब्धिययों पर बोले कुलपति, कहा भविष्य की शिक्षा का प्रतीक है उमुवि

ख़बर शेयर करें

हल्द्वानी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के 17 वर्षों की उपलब्धि पर बोलते हुए कुलपति प्रो ओम प्रकाश सिंह नेगी ने कहा कि विश्वविद्यालय ने इन वर्षों में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। कोरोना वैश्विक महामारी के बावजूद भी पिछले 3 वर्षो में विश्वविद्यालय की कुछ खास उपलब्धियां। रही हैं जिनमें राष्‍ट्रपति द्वारा राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार से सम्‍मानित करना महत्वपूर्ण है। तथा पहली बार आवेदन करने पर विश्वविद्यालय को मिली ‘नैक’ (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद) की मान्‍यता, ‘बी’++ मिला ग्रेड व 12 ‘बी’ के लिए किया गया आवेदन खास उपलब्धि है।100 से अधिक शिक्षक/ कर्मचारियों की स्‍थाई/ अस्‍थाई रूप में की गई नियुक्ति, जिससे ‘नैक’ और 12 ‘बी’ के आवेदन में सहायता मिली है।

उन्होंने कहा भोतिक संरचना में की गई अमूलचूल वृद्धि , अकादिमक रूप से किया गया गया विकास, दूरस्‍थ एवं ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल रूप में किए गए कार्य और विश्‍वविद्यालय मुख्‍यालय हल्‍द्वानी और देहरादून परिसर में होना, एन एस एस का संचालन, एन सी सी के लिए किया जा रहा है आवेदन महत्वपूर्ण हैं। सोमवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए उत्‍तराखण्‍ड मुक्‍त विश्‍वविद्यालय के कुलपति प्रो0 ओम प्रकाश सिंह नेगी ने विश्‍वविद्यालय की उपलब्धियों व भविष्‍य की कार्ययोजनाओं को लेकर बातचीत की। इस दौरान उन्‍होंने पत्रकारों के सामने कई उपलब्धियां रखी।विश्‍वविद्यालय को और आगे ले जाने में आने वाली चुनोतियों का भी जिक्र किया।

प्रो0 नेगी ने कहा कि विश्‍वविद्यालय ने अपने कम समय में ही कई उपलब्धियां हासिल की हैं। यह विश्‍वविद्यालय किराए के एक कमरे से शुरू होकर आज अपने भव्‍य संरचना में स्‍थापित हो चुका है। जहां लगभग मात्र 150 स्‍थाई/ अस्‍थाई शिक्षक और कर्मचारी ही विश्वविद्यालय में कार्यरत थे, वहीं आज विश्वविद्यालय में लगभग 300 स्‍थाई/ अस्‍थाई शिक्षक/कर्मचारी कार्यरत हैं, जिससे विश्‍वविद्यालय को ‘नैक’ की मान्‍यता प्राप्‍त हुई और विश्‍वविद्यालय 12 ‘बी’ हेतु आवेदन के लिए योग्‍य हुआ है। वहीं इससे विश्‍वविद्यालय की अकादमिक और प्रशासनिक क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ।

यह भी पढ़ें -  पटवारी पेपर लीक मामले में एसआईटी ने की बड़ी कार्रवाई , दो गिरफ्तार

उन्‍होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में विश्वविद्यालय ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं, खासकर पिछले एक साल में विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। विश्वविद्यालय ने प्रथम बार में ही नैक ‘बी’ ++  का ग्रेड प्राप्त किया है, अभी विशिष्ट शिक्षा के माध्यम से 12 से अधिक राज्यों के युवाओं को दिव्यांगजनों के लिए शिक्षक तैयार करने के लिए देश की राष्ट्रपति से राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किया। साथ ही जहां विश्वविद्यालय एक छोटे से भवन में संचालित हो रहा था आज विश्वविद्यालय अपना भव्य स्वरूप प्राप्त कर चुका है। इसके अलावा उन्होंने अनेक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। कहा भारत सरकार द्वारा कुल 800 से अधिक कॉलेजों विश्वविद्यालयों व संस्थानों के बीच में से उत्तराखंड मुक्त विद्यालय को राष्ट्रीय पुरस्कार हेतु चयनित कर पुरस्कृत किया गया है।

प्रो आर सी मिश्रा ने बताया केंद्रीय सामाजिक बन्याय अधिकारिता मंत्रालय के निर्देश पर भारतीय पुनर्वास परिषद ने दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से बीएड विशेष शिक्षा पाठ्यक्रम के लिए वर्ष 2021 से नवीन मानकों व नियमों की स्थापना करने हेतु उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर ओमप्रकाश सिंह नेगी की अध्यक्षता में एक कमेटी भी गठित की है जिसमें विश्वविद्यालय की आगामी योजना के तहत नवीन सत्र से सांकेतिक भाषा व ब्रेल लिपि भाषा में दो नवीन सर्टिफिकेट डिप्लोमा पाठ्यक्रमों का संचालन दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से करेगा। आगे भी विश्वविद्यालय की कई योजनाएं हैं जिन्हें क्रियान्वयन की तैयारी चल रही है। पत्रकार वार्ता के दौरान अकादमिक निदेशालय के निदेशक प्रो आर सी मिश्रा, ए के नवीन, प्रो रश्मि पंत, डॉ राकेश रयाल आदि मौजूद थे।
 

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad
Ad
Ad
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *