उत्तराखण्ड
परिवहन विभाग तैयार करेगा ओला-उबर जैसा सरकारी एप
उत्तराखंड में टैक्सी सेवाओं को अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में राज्य सरकार अब ओला-ऊबर की तर्ज पर अपना खुद का मोबाइल एप विकसित करेगी। इस संबंध में परिवहन सचिव बृजेश संत ने उत्तराखंड टैक्सी-मैक्सी महासंघ के साथ हुई बैठक में निर्देश दिए। इस एप के माध्यम से प्रदेश में टैक्सी सेवा को संगठित रूप देने और स्थानीय टैक्सी चालकों को तकनीकी सहायता प्रदान करने का उद्देश्य है। बैठक में परिवहन मुख्यालय के अधिकारी भी मौजूद थे, जिन्होंने इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके साथ ही, महासंघ ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए देहरादून में मैन्युअल फिटनेस जांच की पुनः शुरुआत की मांग रखी। सचिव ने इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार को पत्र भेजने के निर्देश दिए ताकि डोईवाला में स्थित एकमात्र ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर के विकल्प के रूप में मैन्युअल व्यवस्था बहाल की जा सके।
चारधाम यात्रा के वाहनों को मिलेगा सीमित अवधि का ग्रीन कार्ड
चारधाम यात्रा को देखते हुए बाहरी राज्यों से उत्तराखंड आने वाले व्यावसायिक वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड की व्यवस्था में भी बदलाव की तैयारी है। बैठक में इन वाहनों को 15 दिन की अवधि के लिए ग्रीन कार्ड जारी करने का प्रस्ताव रखा गया, जिस पर सचिव परिवहन ने सहमति जताई है। इसके तहत अब अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों को पूरी यात्रा सीजन के बजाय केवल पंद्रह दिन का ग्रीन कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, राज्य के भीतर संचालित वाहनों को पूर्व की भांति पूरे चारधाम यात्रा सीजन के लिए ही ग्रीन कार्ड जारी किया जाएगा। यह व्यवस्था न केवल यात्रा के दौरान ट्रैफिक नियंत्रण और निगरानी को आसान बनाएगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर परिचालन करने वाले वाहनों को प्राथमिकता भी प्रदान करेगी।

