सचिवालय स्तर पर प्रेषित प्रस्तावों के निस्तारण को दो नोडल अधिकारी किये नामित

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड राज्य के विकास में दलीय सीमा से उपर उठकर पुनः एक कदम और बढ़ाया है। मुख्यमंत्री द्वारा समस्त विधायकों को सचिवालय स्तर पर उनके द्वारा प्रेषित प्रस्तावों के निस्तारण में सहयोग हेतु दो आईएएस अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किये जाने की सूचना देने हेतु धनतेरस/दीपावली के उपहार स्वरूप विशेष पत्र प्रेषित किया है। विधायकों को अपने क्षेत्र में निरन्तर क्षेत्र भ्रमण करने की आवश्यकता होती है। क्षेत्र भ्रमण के दौरान संज्ञान में आने वाली जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण और क्षेत्र के विकास से सम्बन्धित योजनाओं के प्रस्तावों पर सचिवालय स्तर पर सम्बन्धित विभागों से चर्चा, विमर्श आदि के लिए बार-बार देहरादून भी विधायकों को आना पड़ता है। बार-बार देहरादून आने से जहाँ एक ओर विधायकगणों का जनसम्पर्क एवं क्षेत्र भ्रमण का कार्य प्रभावित होता है, वही दूसरी ओर राजकीय समय व संसाधनों का भी व्यय होता है।

मुख्यमंत्री द्वारा विधायको की इस समस्या का समाधान करने के प्रयास में विधायको के द्वारा समय-समय पर उठाये गये विषय या विकास योजनाओं की प्राशासनिक/वित्तीय स्वीकृति से सम्बन्धित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण में सहयोग एवं समन्वय हेतु अखिल भारतीय प्रशासनिक सेवा के अपर सचिव स्तर के दो अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया है।

कुमाऊँ मण्डल के विधायकों के सहयोग हेतु नवनीत पाण्डे व गढ़वाल मण्डल के विधायकों के सहयोग हेतु ललित मोहन रयाल अपर सचिव मुख्यमंत्री को उक्त दायित्व सौंपा गया है। दोनों ही नोडल अधिकारियों का दायित्व होगा कि अपने-अपने मण्डल से सम्बन्धित विधायकगण से प्राप्त प्रस्तावों के त्वरित निस्तारण के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों से समन्वय करते हुए विधायक को वस्तुस्थिति से अवगत करायेंगे ।

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मुख्यमंत्री द्वारा अभी कुछ दिन पूर्व ही समस्त विधायकों से दलीय सीमा से ऊपर उठकर राज्य के विकास हेतु 10-10 विकास योजनाओं के प्रस्ताव आमंत्रित किये गये है और अब पुनः समस्त विधायकों को सचिवालय स्तर पर प्राप्त प्रस्तावों के तत्परता से यथोचित निस्तारण में सहयोग हेतु दो आईएएस अधिकारियों को इस प्रकार की जिम्मेदारी दिया जाना उत्तराखण्ड के विकास में सबको साथ लेकर चलने का एक और अभिनव प्रयास के साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मूल मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास का उत्कृष्ट अनुकरण माना जा रहा है।