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अंकिता भंडारी केस पर महेंद्र भट्ट का बयान, बोले- धामी सरकार ने हर स्तर पर की कार्रवाई

भाजपा नेता दुष्यंत गौतम के सिक्किम के राज्यपाल बनाने के बाद से एक बार फिर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। बीती रात अंकिता भंडारी के परिजनों ने दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द करने की मांग को लेकर इंडिया गेट के बाहर प्रदर्शन किया। वहीं अब इस मामले पर प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का बयान भी सामने आया है।
धामी सरकार ने हर स्तर पर की कार्रवाई: भट्ट
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने त्वरित कार्रवाई, निष्पक्ष जांच, प्रभावी अभियोजन और पीड़ित परिवार को सहायता उपलब्ध कराने के हर स्तर पर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। भट्ट ने कहा घटना सामने आने के बाद आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी से लेकर एसआईटी के गठन, अभियोजन की व्यवस्था और परिवार की मांगों पर निर्णय लेने तक सरकार ने इस संवेदनशील प्रकरण को गंभीरता से लिया।
भट्ट ने कांग्रेस के आरोपों को दुर्भावना और राजनैतिक द्वेष से परिपूर्ण बताते हुए कहा कि सीएम धामी ने शुरुआत से ही स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा और अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सरकार की प्राथमिकता है। इसी क्रम में पुलिस को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। घटना के सामने आने के 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। प्रकरण की गहन जांच के लिए एसआईटी गठित की गई, ताकि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
आरोपियों के खिलाफ की गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई: भट्ट
भट्ट ने कहा कि जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई थी। अभियोजन पक्ष ने अदालत में मामला पेश किया। आरोपियों के खिलाफ ‘गैंगस्टर्स एक्ट’ के तहत भी कार्रवाई की गई। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद, दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। यह फैसला अदालत में पेश किए गए सबूतों और तय कानूनी प्रक्रिया के आधार पर दिया गया। सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि कानूनी कार्यवाही और अभियोजन पक्ष का काम कानून के अनुसार हो। इस मामले में जमानत से जुड़े अदालती आदेशों की भी भूमिका रही।
भट्ट ने बताया कि सरकार ने इस मामले को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभाला, और पीड़िता के परिवार की भावनाओं और मांगों को पूरा महत्व दिया। परिवार के अनुरोध पर सरकारी वकीलों को बदल दिया गया, ताकि वे न्यायिक प्रक्रिया के दौरान अपनी चिंताओं और अपेक्षाओं को प्रभावी ढंग से रख सकें। इसके अलावा, जब अंकिता के माता-पिता ने CBI जांच की मांग की, तो मुख्यमंत्री ने उनके अनुरोध को स्वीकार कर लिया और CBI जांच की प्रक्रिया शुरू करवा दी।
अंकिता के निधन के बाद परिवार को दी आर्थिक सहायता: भट्ट
परिवार को आर्थिक सहायता और रोजगार के लिए अंकिता के निधन के बाद परिवार को आर्थिक और सामाजिक संबल प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार ने ₹25 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। इसके अतिरिक्त परिवार के सदस्यों को रोजगार उपलब्ध कराने के कदम भी उठाए गए। सरकार ने इन निर्णयों के माध्यम से यह संदेश दिया कि किसी गंभीर अपराध से प्रभावित परिवार को न्यायिक प्रक्रिया के साथ-साथ जीवन की कठिनाइयों से उबरने में भी सहयोग मिलना चाहिए।
भट्ट ने कहा कि इस प्रकरण ने महिलाओं की सुरक्षा, अपराधों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर व्यापक चर्चा को जन्म दिया। ऐसे मामलों में पुलिस जांच, अभियोजन, न्यायालय और शासन की अपनी-अपनी निर्धारित भूमिकाएं होती हैं। सरकार की जिम्मेदारी है कि जांच एजेंसियों को कानून के अनुरूप कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जाए, अभियोजन की व्यवस्था प्रभावी रहे और पीड़ित परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।





