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हल्द्वानी – काठगोदाम से कैंचीधाम अब सिर्फ एक घंटे में पहुंचेंगे श्रद्धालु, 21 किमी रोपवे का प्रस्ताव हुआ तैयार

हल्द्वानी – बाबा नीब करौरी के दरबार कैंचीधाम तक पहुंचने के लिए उत्तराखंड सरकार रोपवे नेटवर्क विकसित करने की तैयारी में है। काठगोदाम से कैंचीधाम तक करीब 21 किलोमीटर लंबे रोपवे रूट की डीपीआर तैयार की जा रही है। परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद वर्तमान में सड़क मार्ग से लगने वाला तीन से चार घंटे का सफर करीब एक घंटे में पूरा होने की उम्मीद है। कैंचीधाम में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या और सड़क मार्ग पर लगने वाले जाम को देखते हुए शासन ने परियोजना को गति देने की कवायद तेज कर दी है। इसी सप्ताह हल्द्वानी में प्रमुख सचिव नियोजन की अध्यक्षता में परियोजना को लेकर महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। शासन ने रानीबाग-कैंचीधाम रोपवे परियोजना को कुमाऊं के इंटीग्रेटेड मोबिलिटी प्लान में भी शामिल किया है।

एनएचएलएमएल को बनाया नोडल एजेंसी –
परियोजना के लिए नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) को नोडल एजेंसी बनाया गया है। वहीं तकनीकी सलाहकार के तौर पर फ्रांस की एक कंपनी का चयन किया गया है। कंपनी के साथ 21 किलोमीटर लंबे रोपवे नेटवर्क की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने के लिए करार किया गया है। प्रस्तावित नेटवर्क में रानीबाग, ज्योलीकोट, सैनिटोरियम और कैंचीधाम जैसे प्रमुख स्थानों को जोड़ा जाएगा।

दो अलग कॉरिडोर में विकसित होगा नेटवर्क –
पहले रानीबाग से नैनीताल तक करीब 11.45 किलोमीटर लंबे रोपवे का प्रस्ताव था। इसकी अनुमानित लागत करीब एक हजार करोड़ रुपये आंकी गई थी। प्रस्ताव में रानीबाग, ज्योलीकोट और हनुमानगढ़ी में स्टेशन बनाने की योजना थी।

अब परियोजना का विस्तार कर इसे अलग-अलग कॉरिडोर में विकसित करने का प्रस्ताव है। पहले कॉरिडोर में काठगोदाम से ज्योलीकोट और फिर हनुमानगढ़ी तक रोपवे प्रस्तावित है। दूसरे कॉरिडोर में काठगोदाम से ज्योलीकोट, सैनिटोरियम होते हुए कैंचीधाम तक रोपवे बनाया जाना है। अधिकारियों के अनुसार कैंचीधाम तक प्रस्तावित रूट की लंबाई करीब 21 किलोमीटर होगी।

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2045 तक 60 लाख से अधिक यात्रियों का अनुमान –
प्रारंभिक सर्वे के अनुसार रोपवे के पहले फेज के शुरू होने पर सालाना करीब 33 लाख यात्री इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। वर्ष 2030 तक यह संख्या करीब 39 लाख और वर्ष 2045 तक 60 लाख से अधिक पहुंचने का अनुमान है। काठगोदाम में रोपवे का पहला टर्मिनल निर्माणाधीन हिल डिपो के निकट बनाए जाने की योजना है।

भूमि चयन पर भी होगी चर्चा –
उत्तराखंड शासन के सचिव धीराज सिंह गर्ज्याल ने बताया कि काठगोदाम-नैनीताल-कैंचीधाम रोपवे निर्माण को लेकर शासन गंभीर है। कार्यदायी संस्था डीपीआर तैयार कर रही है। इसी सप्ताह हल्द्वानी में कार्यदायी संस्था और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ बैठक प्रस्तावित है। इसमें परियोजना के लिए भूमि चयन सहित इसे धरातल पर उतारने से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय लिया जाएगा

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