उत्तराखण्ड
लैंगिंक समावेशन पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन।
चमोली। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, चमोली में दो दिवसीय फोस्टरिंग जेंडर इक्वेलिटी एंड इनक्लूसिविटी थ्रो लाइफ स्किल कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें नौ विकासखंडों से चयनित 20 विद्यालयों के 36 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान चमोली के प्राचार्य आकाश सारस्वत ने कहा कि समावेशन का अर्थ है कि लिंग चाहे कोई भी हो, हर व्यक्ति को आगे बढ़ने, सीखने, अपनी बात रखने और अपने सपने पूरे करने का बराबर हक मिले और हम सब मिलकर एक ऐसे समाज का निर्माण करें जहाँ योग्यता की पहचान लिंग से नहीं बल्कि कर्म और बुद्धिमत्ता से हो।जिला जेंडर सेल समन्वयक व संदर्भदाता (केआरपी) सुमन भट्ट ने जेंडर मानदंड एवं भूमिकाएं, जेंडर आधारित भेदभाव, शक्ति, विशेषाधिकार और पितृसत्ता, जेंडर आधारित भेदभाव का प्रभाव, जेंडर और नेतृत्त्व, जेंडर और समान अवसर तथा जेंडर इक्विटी क्लब के बारे में पूरे सदन को विस्तार पूर्वक गतिविधि आधारित जानकारी प्रदान की। जेंडर इक्विटी क्लब विद्यार्थियों में लैंगिक समानता की समझ विकसित करने का एक सशक्त मंच बनेगा, और रूढ़िगत धारणाओं को पहचानने और चुनौती देने को प्रेरित करेगा। कार्यक्रम समन्वयक (मास्टर ट्रेनर) बचन जितेला द्वारा लैंगिक समानता क्या है?, जेंडर रूढ़िवादिता, समाजीकरण, जेंडर और जीवन कौशल, नेतृत्व आदि विषयों पर चर्चा कर , अनुभवों को साझा कर अनेक गतिविधियों को करवाया गया। साथ ही सभी प्रतिभागियों को जेंडर समावेशन पर शिक्षक मार्गदर्शिका “समता पथ” वितरित की गई। प्रवीन कुमार नेगी राउमावि पुनगांव व बाग सिंह शाह राआउप्रावि तलवाड़ी खालसा ने दो दिवसीय जेंडर प्रशिक्षण की आख्या को विस्तार से समूह के समक्ष प्रस्तुत की। पृष्ठ पोषण के लिए डाॅ वृजेंद्र सिंह कठैत राउप्रावि जौरासी व अनीता सती रा आ इ का आदिबद्री ने प्रशिक्षण को वर्तमान समय की मांग बताकर उपयोगी बताया। कार्यक्रम का संचालन सुमन भट्ट व बचन जितेला ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्य राजेन्द्र प्रसाद मैखुरी, वीरेंद्र कठैत, रवींद्र बर्त्वाल, गजपाल राम, सुबोध डिमरी, कमलेश मिश्रा, योगेन्द्र बर्त्वाल, नीतू सूद, मृणाल जोशी, डीएलएड प्रशिक्षु जितेंद्र सिंह व मनीषा पांडे उपस्थित रहे।







