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फर्जी बैंक गारंटी लगाकर ले लिया 24 करोड़ का ठेका।मामले का खुलासा होने पर तीन साझेदारों पर केस

उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में मंडी परिषद की एग्रो कलस्टर परियोजना का जिम्मा लेने वाली पंजाब की फर्म की ओर से लगाई गई दो करोड़ 16 लाख रुपये की बैंक गारंटी फर्जी पाई गई है। इसके बाद मंडी उप महाप्रबंधक यांत्रिक ने कंपनी के तीन साझेदारों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया है।
वर्ष 2018 में टिहरी गढ़वाल के ग्राम नौथा में एग्रो कलस्टर परियोजना के तहत फेसिलेटेट सेंटर सहित 24 करोड़ रुपये के निर्माण कार्य किए जाने थे। टेंडर प्रक्रिया के तहत इस कार्य का जिम्मा पैसेफिक कोल्ड चेन सोल्यूशन, एसएसनगर मोहाली (पंजाब) को मिला था। यह परियोजना किसान के फल, सब्जी और अनाज को बाजार देने के लिए तैयार की गई थी। मंडी की ओर से बनाए जाने वाले सेंटर में किसान अपने उत्पादों को रखते और मंडी की ओर से चयनित कंपनियां उत्पादों को खरीदती लेकिन कंपनी की ओर से यह काम अधूरा छोड़ दिया गया।
मंडी परिषद की ओर से कंपनी को काम पूरा करने के लिए नोटिस भेजे गए लेकिन कंपनी ने काम पूरा नहीं किया। इसके बाद मंडी ने कंपनी की ओर से बंधक के रूप में लगाई गई एक करोड़ दस लाख और एक करोड़ छह लाख रुपये की जब्त की कार्यवाही गई तो वह उसके कूटरचित और फर्जी होने की जानकारी मिली। एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने अनिल कुमार उपमहाप्रबंधक ( विद्युत/यांत्रिक) की तहरीर पर कंपनी के पार्टनर प्रीत मोहन सिंह निवासी सेक्टर 33सी चंडीगढ़, गुरमीत सिंह निवासी सेक्टर 33ए चंडीगढ़ और कनिका निवासी ग्राम भवरना तहसील पालमपुर जिला कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश के खिलाफ केस दर्ज किया है।
मंडी के प्रबंध निदेशक बीएस चलाल ने बताया कि 24 करोड़ में से कंपनी ने सिर्फ सात करोड़ का काम किया था। कईं बार नोटिस देने के बाद कंपनी ने काम शुरू नहीं किया। जब बैंक गारंटी जब्त करने की कार्यवाही की गई तो फर्जी होने की जानकारी के बाद कानूनी कार्यवाही की गई है

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