बीजेपी नेता पर बेटी को अगवा करने का आरोप

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बदायूं( उत्तरप्रदेश)। यहां महिला डॉक्‍टर ने बीजेपी नेता और अल्‍पसंख्‍यक आयोग के पूर्व सदस्‍य मनोज मसीह और उनके परिवार पर बेटी को अगवा करने का आरोप लगाया।
बदायूं में महिला डॉक्‍टर ने उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व सदस्य मनोज मसीह समेत उनकी पत्नी अनीता मसीह और बेटे ऋषभ मसीह के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में बेटी को अगवा करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया है।

पुलिस मामले की जांच कर रही है। महिला डॉक्टर की बेटी को घटना के बाद से जिला महिला अस्पताल में मौजूद वन स्टाप सेंटर में रखा गया है। बुधवार को पुलिस ने सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में उसका बयान दर्ज को लेकर गई थी। दोपहर तक बयान दर्ज नहीं हो सका।

कोतवाली सिविल लाइंस इलाके में रहने वाली महिला डॉक्‍टर का अपना प्राइवेट अस्पताल भी है। उनकी ओर से दी गई तहरीर के मुताबिक 17 सितंबर की रात वह घर पर थीं और उनके रिश्तेदार भी मौजूद थे। इसी बीत रात तकरीबन 9.30 बजे उनकी बेटी 50 हजार कैश समेत जेवरात लेकर कमरे से निकली। तहरीर के मुताबिक इसी दौरान अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य और भाजपा नेता मनोज मसीह का बेटा ऋषभ मसीह और पत्नी अनीता घर में घुस आये। यहां ऋषभ ने उनके साथ हाथापाई की। उसके हाथ में तमंचा था।
वे सब घर की बिजली सप्लाई बंद करके वहां से निकल गए। डॉक्टर ने अपने पति समेत ससुर आदि को मामले की सूचना दी और घर से निकलीं तो मनोज मसीह बंदूक के साथ खड़े थे। वहीं ऋषभ ने दो फायर भी किए। कुछ अज्ञात लोग भी इस वारदात में शामिल थे।
सिविल लाइंस कोतवाली इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिंह ने बताया कि घटना का मुकदमा लिखा गया है। जांच में जो भी तथ्य सामने आयेंगे, उनके आधार पर कार्रवाई होगी। उधर, अल्प संख्यक आयोग के पूर्व सदस्य मनोज मसीह का कहना है कि महिला डाक्टर की बेटी उनके और उनके पति की प्रताड़ना से तंग होकर खुद उनके घर आयी थी। यह सीसीटीवी में कैद है। इसके बाद बेटी के दादा-दादी को भी बुलाया लेकिन वह उनके साथ जाने को राजी नहीं हुई तो पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस उसे वन स्टाफ सेंटर ले गयी। जो आरोप लगाए जा रहे हैं उनके पीछे राजनैतिक छवि धूमिल करने की साजिश है।