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उत्तराखण्ड

फाइबर का कंपोजिट गैैस सिलिंडर तैयार, अब आग लगने पर नहीं होगा ब्लास्ट

हल्द्वानी। इंडियन आयल ने उत्तराखंड में इंडेन गैस का कंपोजिट सिलिंडर लांच किया है। जिसका वजन सिर्फ 16 किलोग्राम है। इसे बुजुर्ग व महिलाएं भी आसानी से उठा सकेंगे। इंडियन आयल ने ऐसा घरेलू गैस सिलिंडर लांच किया है, जिसकी हर किसी को जरूरत थी। इंडियन के कंपोजिट गैस सिलिंडर का आकार छोटा होने के साथ ही इसकी कई खूबियां हैं। सुरक्षा की दृष्टि से बनाया गया। फाइबर परत का यह सिलिंडर आग लगने से फटेगा नहीं बल्कि आग लगने पर सिकुड़ कर सिमट जाएगा।

16 किलो वजन का यह सिलिंडर पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों के लिए सुविधाजनक है और साथ ही इसे महिलाएं व बुजुर्ग भी आसानी से उठा सकते हैं। इंडियन आयल ने उत्तराखंड में पायलट प्रोजेक्ट के तहत इंडेन गैस का कंपोजिट सिलिंडर लांच कर दिया है। कंपनी का दावा है कि यह पूरा विस्फोट रोधी है। सामान्य सिलिंडर के विस्फोट होने पर कई बार बड़े हादसे हो जाते हैं लेकिन इसमें विस्फोट नहीं होगा। थ्री लेयर फाइबर मटेरियल (ब्लो-मोल्डेड हाई डेंसिटी पालीइथिलीन) से बना यह सिलिंडर पारदर्शी भी है, जिसमें उपभोक्ताओं को आसानी से गैस का लेवल दिख सकेगा। इसमें एलपीजी की घटतौली भी नहीं हो सकेगी। छह किलोग्राम सिलिंडर में 10 किलो एलपीजी गैस भरी रहेगी। इसका कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ताओं को तीन हजार रुपये सिक्योरिटी मनी देनी पड़ेगी। जिसके बाद 10 किलो एलपीजी वाला यह सिलिंडर 590 रुपये का मिलेगा।

जबकि 14 किलो का सामान्य घरेलू सिलिंडर उपभोक्ताओं को 823 रुपये का मिल रहा है। लोहे के सिलिंडर से घर के फर्श में दाग-धब्बे पड़ जाते हैं, लेकिन फाइबर के इस सिलिंडर से कोई धाग नहीं पड़ेगा। बल्कि यह दिखने में भी आकर्षक है। हल्द्वानी व काठगोदाम गैस एजेंसी से अब तक कुल 500 कंपोजिट गैस सिलिंडर का उपभोक्ताओं को कनेक्शन मिल चुका है। फिलहाल यह सुविधा केवल नए कनेक्शन लेने वालों के लिए है। यह है लोहे का सिलिंडर 14 किलोग्राम एलपीजी के साथ कुल वजन 30 किलोग्राम। लोहे का गैस सिलिंडर जंक लगकर खराब होने लगता है।घर में लोहे के सिलिंडर में अंदाजा लगाकर गैस चेक करनी पड़ती है। भारी वजन के चलते महिलाएं व बुजुर्गों को उठाने में दिक्कत यह है।
क्या है फाइबर का कंपोजिट सिलिंडर

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10 किलोग्राम एलपीजी के साथ कुल वजन 16 किलोग्राम
आकर्षक डिजाइन के साथ फाइबर का सिलिंडर होने के चलते नहीं लगेगी जंक पारदर्शी होने के चलते इसमें एलपीजी का लेवल दिखाई देता है। वजन हल्का होने के चलते इसे बच्चे, बुजुर्ग व महिलाएं आसानी से उठा लेती हैं। हल्द्वानी इंडेन गैस एजेंसी से मिली जानकारी के मुताबिक अब तक फाइबर सिलिंडर को लांच करने वाली इंडियन आयल ही कंपनी है। भविष्य में इससे भी छोटा फाइबर का सिलिंडर लांच किया जाएगा। जबकि अन्य कंपनियों की ओर से अभी तक इस तरह की कोई पहल नहीं की गई है। कुमाऊं मंडल में इंडेन के घरेलू कनेक्शन 1.88 लाख हैं जबकि भारत के 86 हजार व एचपी के 31 हजार कनेक्शन हैं। कंपोजिट गैस सिलिंडर से ग्राहकों को कई फायदे हैं। काफी हल्का होने के साथ ही यह आकर्षक डिजाइन का है। पर्वतीय क्षेत्रों के साथ ही दो मंजिला या तीन मंजिले में रहने वाले लोग इसे आसानी से उठाकर ऊपर ले जा सकते हैं। फिलहाल नए कनेक्शन पर लोगों को यही कंपोजिट सिलिंडर दिए जा रहे हैं। –भरत खाती, हल्द्वानी गैस प्रबंधक, इंडेन।

पहाड़ क्षेत्र में रहने वाले इस सिलिंडर को अधिक पसंद कर रहे हैं। अभी तक हैड़ाखान, छोटा कैलाश व अमृतपुर के करीब 200 लोगों को यह कनेक्शन दिया गया है। पहाड़ों में रहने वाले लोगों के लिए यह सिलिंडर किफायती हैं।-हेमा मेहरा, काठगोदाम गैस प्रबंधक, इंडेन।

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