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जमरानी बांध मास्टर प्लान को मिली मंजूरी
मीनाक्षी
हल्द्वानी। जमरानी बांध के प्रभावितों के पुनर्वास की जगह तय हो गई है। इसके लिए बनाए गए मास्टर प्लान को शासन की मंजूरी मिल गई है। अब इसके अनुसार ही निर्धारित की गई जगह पर ग्रामीणों को बसाया जाएगा। बनाए गए मास्टर प्लान के अनुसार उन्हें मानक के अनुसार कृषि भूमि और भवन निर्माण के लिए भूखंड दिए जाने के साथ ही जरूरी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। पेयजल और सिंचाई की जरूरत को पूरा करने के लिए गौला नदी के अपर स्ट्रीम में जमरानी बांध बनाए जाने की प्रक्रिया तेज गति से की जा रही है। प्रस्तावित बांध स्थल से नदी का रुख बदलने के लिए जरूरी कार्रवाई सिंचाई विभाग की जमरानी परियोजना इकाई कर रही है। इसके साथ ही डूब क्षेत्र से प्रभावित हो रहे लोगों का पुनर्वास करने की तैयारी की जा रही है। उन्हें किच्छा के नजदीक प्राग फार्म में बसाया जाना है। इसके लिए विभाग ने मास्टर प्लान तैयार कर मंजूरी के लिए शासन में भेजा था। उत्तराखंड शासन की कार्यालय मुख्य नगर एवं ग्राम्य नियोजक की कमेटी ने इसके मूल्यांकन के बाद इसे मंजूरी दे दी है। अब बनाए गए प्लान के अनुसार ही प्रभावित ग्रामीणों को बसाया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के साथ जल्द ही पुनर्वास की कार्रवाई को शुरू कर डूब क्षेत्र को खाली करा लिया जाएगा।जमरानी बांध के निर्माण के बाद 213 ग्रामीणों के मकान के साथ ही पूरी कृषि भूमि डूब रही है उन्हें श्रेणी ए में शामिल किया गया है। मास्टर प्लान के अनुसार उन्हें सौ वर्ग मीटर भूखंड मकान बनाने के दिए जाने के साथ ही एक एकड़ कृषि भूमि दी जाएगी।
223 ग्रामीणों को मिलेगा पचास वर्गमीटर में आवास
बनाए गए प्लान के तहत श्रेणी-सी के 223 ग्रामीणों को यहां पचास वर्ग मीटर के भूखंड में विभाग मकान बनाकर देगा। इसमें प्रभावित परिवारों की बेटियों को भी शामिल किया गया है। इसके लिए 2021 में 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाली बेटियों के नाम शामिल किए हैं।
ग्रामीणों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के मानक के अनुसार मकान बनेंगे।
लोक देवताओं के बनेंगे छह मंदिर
जमरानी बांध के लिए स्थानीय लोक देवताओं का भी विस्थापन होना है। तराई के प्राग फार्म में बनाए गए मास्टर प्लान में ग्रामीणों के साथ ही लोक देवताओं के लिए जगह निर्धारित कर दी गई है। इसके अनुसार डूब क्षेत्र के गांवों के लोक देवताओं के लिए वहां छह मंदिरों का निर्माण किया जाएगा।
मवेशियों के लिए बनेगा चारागाह और अस्पताल
जमरानी बांध क्षेत्र से लोगों के साथ मवेशियों का भी पलायन होना। इसके लिए विस्थापितों के पुनर्वास के लिए चिह्नित प्राग फार्म में 3.04 एकड़ में सामूहिक चारागाह बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त यहां 9.23 एकड़ क्षेत्रफल में पौधों का रोपण कर ग्रीन एरिया बनाने के मास्टर प्लान में जगह निर्धारित की गई है। वहीं मवेशियों के इलाज के लिए एक पशु अस्पताल बनाया जाना है।शॉपिंग सेंटर और सामुदायिक भवन के लिए जगह निर्धारित
प्राग फार्म में ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरत के सामान के लिए शॉपिंग सेंटर के साथ तीन सामुदायिक केंद्र का निर्माण किया जाएगा। बांध में जिन दुकानदारों की दुकान डूब रही हैं उन्हें यहां बनने वाली सात दुकानें आवंटित की जाएंगी।
बच्चों का आंगनबाड़ी, स्कूल और होगा खेल मैदान
विस्थापित होने वाले ग्रामीणों के बच्चों के लिए भी सभी जरूरी इंतजाम किए जाने है। इसके लिए बनाए गए मास्टर प्लान में जगह निर्धारित कर ली गई है। अब तय की गई जगह में आंगनबाड़ी, स्कूल और खेल मैदान का निर्माण शुरू किया जाएगा।जमरानी बांध प्रभावितों के पुनर्वास के लिए बनाए गए मास्टर प्लान को शासन की मंजूरी मिल गई है। जल्द ही पुनर्वास के लिए अग्रिम कार्रवाई शुरू की जाएगी।
















