Uncategorized
राजस्व ग्राम के दर्जे के लिए गौलापार में गरमाई सियासत
हल्द्वानी, गौलापार क्षेत्र के छह प्रमुख गांवों मानपुर, प्रतापपुर, कालीपुर, जसपुर खोलिया, त्रिलोकपुर दानी और हरिपुर ठठोला (मदनपुर) को राजस्व ग्राम घोषित करने की छह दशक पुरानी मांग को लेकर ग्रामीणों ने एक बार फिर बड़ा मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को ग्राम स्तरीय समिति व वन अधिकार समिति के तत्वावधान में गौलापार के रेशम बाग में आयोजित एक बैठक में ग्रामीणों ने अपनी आवाज बुलंद की और त्रिस्तरीय पंचायती राज के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति तैयार की। ग्रामीणों ने वर्षों से उपेक्षा का शिकार होने का दर्द बयां करते हुए कहा कि वे वर्ष 1962 से इन बस्तियों को राजस्व ग्राम घोषित कराने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। साल 2020 से लगातार पत्राचार और ज्ञापन सौंपने के बावजूद स्थानीय सांसद और विधायक स्तर पर संवाद न होने से क्षेत्रीय जनता में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि लगभग 638 परिवारों के 3,740 नागरिक बुनियादी हकों और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस दौरान पूर्व सैनिक एवं समिति अध्यक्ष नंदन सिंह बिष्ट ने एडवोकेट तरुण जोशी और भुवन भट्ट के अध्ययन पर आधारित सभी कानूनी दस्तावेज व साक्ष्य जनप्रतिनिधियों के समक्ष प्रस्तुत किए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वन और राजस्व की तकनीकी उलझनों को सुलझाकर इन गांवों को तुरंत राजस्व ग्राम का दर्जा दिया जाना चाहिए।
जनप्रतिनिधियों ने दिया मांग उठाने का भरोसा
बैठक में पहुंचे जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि आनंद सिंह दरमवाल, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि अर्जुन सिंह बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य विक्रम सिंह बर्गाली, ज्योति आर्या, जीवन चंद आर्या तथा ग्राम प्रधान व प्रतिनिधियों में किशोर चुफाल, गुरुचरण सिंह, योगेश बर्गाली और तोरेश सिंह बिष्ट ने ग्रामीणों की मांग को न्यायसंगत ठहराया। सभी जनप्रतिनिधियों ने एक सुर में विश्वास दिलाया कि वे शासन-प्रशासन के हर उचित मंच पर इस मांग को मजबूती से उठाएंगे और गांवों का हक दिलाकर रहेंगे।
कार्रवाई न होने पर रैली की चेतावनी
ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो क्षेत्र की महिलाएं, बुजुर्ग और युवा हल्द्वानी की सड़कों पर विशाल रैली निकालकर उग्र जन-आंदोलन का बिगुल फूंकेंगे।





