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उत्तराखण्ड

एक गेस्ट टीचर के हवाले कैैडागांव हाईस्कूल, बच्चों के भविष्य के प्रति चिंतित अभिभावक,पढ़ें पूरी रिपोर्ट…..

संवाददाता शंकर फुलारा

भीमताल। ओखलकांडा ब्लॉक के दूरस्थ गांव कैड़ा गांव हाई स्कूल इन दिनों एकमात्र गेस्ट टीचर द्वारा संचालित किया जा रहा है जिस स्कूल में अभी बच्चों की क्षमता लगभग 200 बच्चों के करीब बताई जा रही है। उस स्कूल को एक गेस्ट टीचर के हवाले सौंप देना यह बच्चों के भविष्य के प्रति खिलवाड़ नहीं तो और क्या है।

कैड़ागांव हाई स्कूल इन दिनों शिक्षकों की आपसी वर्चस्व , अधिकारियों और नेताओं की दखल की वजह से शिक्षा के मंदिर की जगह राजनीति का अखाड़ा बना हुआ है। जिससे बच्चौं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

अभिभावकों का कहना है कि बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। स्थानीय ग्रामीण शिक्षा विभाग की इस लापरवाही से काफी नाराज हैं।

कुकना ग्राम सभा के नरेश कुमार का कहना है कि यह हाई स्कूल क्षेत्रीय विधायक राम सिंह कैड़ा जी का गांव का है उसके बावजूद भी शिक्षा व्यवस्थाएं, स्वास्थ्य अव्यवस्था, सड़कों की दुर्दशा स्थिति किसी से छुपी हुई नहीं है।

विधायक जी की पत्नी व ओखलकांडा ब्लाक प्रमुख कमलेश कैड़ा जी यही से क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। उसके बावजूद भी विधायक जी व ब्लाक प्रमुख का अपने गांव के प्रति उदासीन रवैया ग्रामीणों में आक्रोश है।

ओखल कांडा ब्लॉक के ग्रामीणों का कहना है कि यहां की बदहाल शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य अवस्थाएं, सड़कों की दुर्दशा किसी छुपी हुई नहीं है। कई बार यहां के जनप्रतिनिधि और अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद भी ना ही शिक्षा व्यवस्था,स्वास्थ्य और सड़कों की दुर्दशा में कोई सुधार हो रहा है।

कुछ शिक्षकों का भी आरोप है कि कुछ शिक्षा अधिकारियों की संरक्षण की वजह से कुछ अध्यापकों की वजह से कैड़ा गांव हाई स्कूल राजनीति का अखाड़ा बना दिया गया है।

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कुछ शिक्षकों के पत्र भी वायरल हो रहे हैं।

कुछ अध्यापकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कुछ शिक्षा विभाग के अधिकारियों यहां के अध्यापकों को संरक्षण प्राप्त है जिस वजह से वह मनमानी कर रहे हैं और बोर्ड एग्जाम में भी लापरवाही बरत रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय विधायक जी को कई बार शिक्षकों की कमी से अवगत कराने के बावजूद उनका रवैया भी उदासीन बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि वह अपने बच्चों के भविष्य के प्रति चिंतित हैं उन्हें अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है। शिक्षा विभाग द्वारा एक गेस्ट टीचर के हवाले पूरा हाई स्कूल सौंप दिया गया है जिससे कि शिक्षण कार्य बिल्कुल चौपट हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र ही शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं लाया गया तो ग्रामीण शिक्षा अधिकारियों के घेराव साथ ही जिला मुख्यालय पर भी धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

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