Connect with us

उत्तराखण्ड

डा0 सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में नेत्रदान किये जाने के लिए 38 वां नेत्रदान पखवाड़ा 25 अगस्त 2023 से 08 सितंबर 2023 तक मनाया जा रहा


डा0 सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में नेत्रदान किये जाने के लिए 38 वां नेत्रदान पखवाड़ा 25 अगस्त 2023 से 08 सितंबर 2023 तक मनाया जा रहा है, तथा डा0 सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में आई बैंक को स्थापित हुए एक वर्ष हो गया है, जिसकी प्रथम वर्षगांठ भी मनायी जा रही है।


इस उपलक्ष्य में आज दिनांक 26 अगस्त शनिवार को आई बैंक का स्थापना दिवस भी मनाया जा रहा है जिसके फलस्वरूप मेडिकल कॉलेज के लैक्चर थियेटर में एक व्याख्यानशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के आयोजन में सर्वप्रथम देश-विदेश में विख्याती प्राप्त मुख्य अतिथि पद्म श्री प्रो0 डा0 जीवन सिंह तितियाल चीफ ऑफ डा0 राजेन्द्र प्रसाद सेंटर फॉर ऑप्थालमिक साइंसेज एम्स नई दिल्ली , श्री जीवन सिंह नग्न्याल एडिशनल कमिशनर कुमाऊं मंडल,डा० सी० पी० भैसोडा प्राचार्य रा० मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा,डा0 अरूण जोशी प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज, सुश्री द्रौपदी गर्बयाल समाज सेविका नारायण आश्रम पिथौरागढ़ , डा० आर० एन ० मल्होत्रा नेत्र रोग विशेषज्ञ हल्द्वानी का पुष्प्प गुच्छ देकर स्वागत किया गया, तदोपरांत दीप प्रज्जवलित व मेडिकल कॉलेज की छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना गा कर व्याख्यानशाला का शुभारंभ किया गया।
मुख्य अतिथि पद्म श्री प्रो0 डा0 जीवन सिंह तितियाल चीफ ऑफ डा0 राजेन्द्र प्रसाद सेंटर फॉर ऑप्थालमिक साइंसेज एम्स नई दिल्ली द्वारा नेत्र बैंकिंग और समुदाय पर प्रभाव विषय पर व्याख्यान दिया। इनके द्वारा बताया गया कि आंखों का बैंक क्या होता है, भारत में आई बैंक कैसे होते है। आंखों के बैंक कैसे काम करते है के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। डा0 तितियाल ने बताया कि डोनेट आंखों का इस्तेमाल कैसे किया जाता है तथा आंखों के बैंक से कैसे संपर्क करें व आम जनता को नेत्रदान के लिए अत्यधिक जागरूक होना चाहिए।
डा0 तितियाल ने यह भी बताया कि नेत्रदान एक ऐसा नेक कार्य है जो नेत्रहीनों की दृष्टि वापस पाने में मदद कर सकता है। आंख का एकमात्र हिस्सा जिसे प्रत्यारोपित किया जा सकता है, वह है कॅार्निया इसकी सबसे बाहरी परत। दुर्भाग्य से कॅार्निया की भारी कमी है और आपूर्ति और मांग के बीच भारी असंतुलन है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार हर साल 20,000 लोगों को कॉर्नियल ब्लाइंडनेस हो जाती है और औसत नेत्र प्रतिज्ञा संख्या 57,000 है। हालांकि प्रतिवर्ष औसतन 2250 आंखों का वास्तविक दान हो रहा है, ऐसे में नेत्रदान के प्रति जागरूकता पैदा करना जरूरी हो जाता है।
डा0 गोविन्द सिंह तितियाल विभागाध्यक्ष नेत्र रोग विभाग व आई बैंक प्रभारी डा0 सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय ने बताया कि डा0 सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय के नेत्र रोग विभाग में स्थापित आई बैंक को एक वर्ष पूर्ण हो गया है।
आई बैंक की स्थापना का उद्देश्य नेत्रविहीन व्यक्तियों को उनके नेत्रों में रोशनी मिले, इसी के फलरूवरूप हमने इस एक साल में 17 नेत्र दाताओं की मदद से 32 दृष्टिहीन व्यक्तियों को उनकी दृष्टि में रोशनी दी है। आज इस आई बैंक को सफलतम संचालित होते हुए एक वर्ष होने पर हमारा लक्ष्य भविष्य में अधिक से अधिक नेत्रहीनों को उनके नेत्रों में रोशनी जागृत करना होगा जिसके लिए आई बैंक की संपूर्ण टीम आम जनमानस को लगातार नेत्रदान के लिए जागरूक कर रही है।
प्राचार्य डा0 अरूण जोशी ने बताया कि यह अत्यधिक हर्ष का विषय है कि आज हमारे बीच पद्य्र श्री प्रो0 डा0 जे0एस0 तितियाल नेत्रदान विषय में व्याख्यान देने आये है। इनके द्वारा मेडिकल कॉलेज में व्याख्यान देने से मेडिकल कॉलेज में शिक्षा ले रहे छात्र-छात्राओं को डा0 तितियाल के अनुभवों का लाभ मिलेगा। चिकित्सकीय क्षेत्र में डा0 तितियाल ने देश-विदेश में जो अपना और पूरे उत्तराखंड का नाम रोशन किया है, उससे हम सभी को गर्व है। आज आई बैंक के सफलतम संचालन के एक वर्ष पूर्ण होने पर डा0 गोविन्द सिंह तितियाल को हार्दिक शुभकामनाएं है, और हमारा प्रयास भविष्य में डा0 सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में स्थापित आई बैंक को और अत्याधुनिक बनाना होगा। कार्यक्रम के अंत में नेत्रदान करने वाले 17 नेत्रदाताओं के परिजनों को प्रशस्ति पत्र और शाल उड़ाकर मुख्य अतिथियों के द्वारा सम्मान किया गया।
कायक्रम में डा0 अरूण जोशी प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज, डा0 जी0एस0 तितियाल चिकित्सा अधीक्षक डा0 सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय,डा० के ०सी० पांडे प्रभारी निदेशक कैंसर चिकित्सालय, डा0 आर0जी0 नौटियाल, डा0 उमेश, डा0 हरिशंकर पांडे, डा0 दीपा देऊपा, , डा0 गीता जैन, डा० भावना श्रीवास्तव, डा0 रितु रखोलिया, डा0 राजीव सिंह, डा0 पंकज वर्मा, डा0 परमजीत सिंह, डा०सीमा, डा0 गणेश सिंह, डा0 पूनम कुमारी, डा0 हेमाबेन ठक्कर, डा0 विमलेश शर्मा, डा0 नितिन मेहरोत्रा, डा0 डा0 पल्लवी मिश्रा, डा0 प्रतीक कौल, अधिकारी, कर्मचारी एवं समस्त एम0डी0/एम0एस0 और एम0बी0बी0एस0 के छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

यह भी पढ़ें -  विश्व पर्यावरण दिवस: 20 हजार से ज्यादा पेड़ कोसी नदी के किनारे उखाड़ डाले, पर्यावरण पर प्रहार; जिम्मेदार कौन

आलोक उप्रेती
जनसंपर्क अधिकारी
राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी

More in उत्तराखण्ड

Trending News