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उत्तराखण्ड

स्वास्थ्य विभाग ने चौदह दवाई की दुकानों पर ताले डाले, चाबी की पुलिस के सुपुर्द

हरिद्वार के रुड़की में ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती ने पुलिस टीम के साथ शहर में दवा की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान ज्यादातर दुकानों में न तो मालिक मिले और न ही फॉर्मासिस्ट मिले। इन दुकानों में कोई अन्य स्टॉफ दवाओं की बिक्री करते पाया गया। लाइसेंस भी नहीं दिखा पाए। इस पर करीब चौदह दुकानों पर ताले लगवाकर उनकी चाबी पुलिस के सुपुर्द कर दी गई।

ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती ने छापेमारी के दौरान दुकानदारों को फटकार लगाकर नियमों के पालन के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि कुछ दुकानदार आनन-फानन में अपनी दुकान बंद कर भाग गए। इन दुकानों को बंद करवाकर अलग से ताला लगाया गया। बताया कि करीब चौदह दुकानों में खामियां मिलने पर ताले लगाए गए। इन दुकानदारों की ओर से पुलिस के समक्ष लाइसेंस से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। उन्होंने सभी दुकानदारों को सख्त निर्देश दिए कि फॉर्मासिस्ट की निगरानी में ही दवा बेचें।
ड्रग इंस्पेक्टर अनीता भारती ने बताया कि कोई भी विक्रेता नारकोटिक्स संबंधी दवाएं नहीं बेच सकता है। जिन दुकानों में हमेशा फॉर्मासिस्ट तैनात रहते हैं, वह ही इन दवाओं को बेच सकेंगे। दूसरा व्यक्ति इस दवाई को बेचते हुए पकड़ा गया तो कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि फॉर्मासिस्ट दुकान से बाहर जाएंगे तो नारकोटिक्स की दवाओं के रैक पर ताला लगाकर जाएंगे। 18 वर्ष से कम उम्र का कोई युवक नारकोटिक्स दवाइयां लेने आता है तो उसे नहीं देना है। जिनको ये दवाइयां दी जाएंगी, उनका भी रिकॉर्ड एक रजिस्टर में रखना होगा। बार-बार एक ही ग्राहक अगर इन दवाओं की डिमांड करता है तो विभाग को इसकी सूचना देनी होगी।

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