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उत्तराखण्ड

शिक्षा विभाग में तबादला एक्ट लागू, अनिवार्य तबादलों के लिए मांगे गए दस विकल्प है

देहरादून। शिक्षा विभाग की ओर से तबादला एक्ट के तहत कर्मचारियों, शिक्षकों और प्रधानाचार्य से अनिवार्य तबादलों के लिए 10 विकल्प और अनुरोध के आधार पर तबादलों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। शिक्षा निदेशालय ने संबंधित निर्देश जारी कर दिए हैं।

जारी निर्देशों के अनुसार तय समय सीमा के तहत ही तबादले किए जाएंगे। इसके साथ ही शिक्षा निदेशालय का कहना है कि सुगम से दुर्गम और दुर्गम से सुगम क्षेत्रों में अनिवार्य तबादलों के लिए पात्रता एवं खाली पदों की संबंधित सूची विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है।

जानकारी के मुताबिक जिनका नाम इस सूची में शामिल है वे अपना विकल्प संस्थाध्यक्ष से अनुमोदित करा कर खंड शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।अनुरोध के आधार पर तबादलों के लिए आवेदन 20 मई तक मांगे गए हैं।

शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी निर्देश के अनुसार अनुरोध के आधार पर तबादले के लिए आवेदनों को ब्लॉक और जिला स्तर पर जांचने के बाद ही इसे निदेशालय को उपलब्ध कराया जाएगा। जो आवेदन उचित माध्यम से नहीं भेजे जाएंगे उन पत्रों पर किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं होगी और ना ही इस संबंध में संबंधित से किसी तरह का पत्राचार किया जाएगा।

साथ ही हर कार्मिक को तबादले के लिए अधिकतम 10 विकल्प भरने होंगे।राज्य के अटल उत्कृष्ट स्कूलों के शिक्षकों के लिए राहत की खबर है। बताया जा रहा हैं कि शिक्षा विभाग की ओर से उनकी सुगम क्षेत्र के स्कूल की सेवा को अब दुर्गम क्षेत्र में की गई सेवा के रूप में जोड़ा जाएगा।

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जबकि दुर्गम की एक साल की सेवा को दुर्गम की दो साल की सेवा के रूप में जोड़ा जाएगा। निदेशालय की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है सात जुलाई 2022 के शासनादेश का पालन किया जाएगा।

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