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हल्द्वानी में काल बनकर घूम रहे ट्रैक्टर और ट्रक

मीनाक्षी

हल्द्वानी। स्कूल और सिडकुल की बसों के अलावा शहर के भीतर तेज रफ्तार ट्रैक्टर कब लोगों पर चढ़ जाएंगे, इसका कोई भरोसा नहीं। मंगलवार को कमलुवागांजा में ऐसे ही तेज रफ्तार ट्रक ने दो परिवारों के चिराग बुझा दिए। जबकि घर के इकलौते कमाऊ सदस्य जय सिंह की भी बेटे के साथ इस दर्दनाक घटना में जान गंवानी पड़ी। पार्षद भागीरथी बिष्ट और पार्षद मनोज जोशी का कहना है कि रामपुर रोड और बरेली रोड सबसे व्यवस्ततम हैं। यहां हजारों की संख्या में दोपहिया, तीन पहिया और चार पहिया वाहन चलते हैं। लेकिन इनकी स्पीड नियंत्रित नहीं होती। उनका कहना है कि ट्रक, बसें और ट्रैक्टर बेकाबू होकर सड़कों पर चलते हैं। जिससे आए दिन सड़क हादसों में लोग चोटिल और जान गंवा रहे हैं। इसके अलावा लामाचौड, कुसुमखेड़ा, कठघरिया, मंडी बाईपास समेत अन्य इलाकों में भी बेधड़क ओवरस्पीड वाहनों को चलाया जाता है। लेकिन सुबह और शाम के समय एनएच हो या आंतरिक मार्ग कहीं भी पुलिस की चेकिंग नहीं दिखती। पुलिस सुबह, दोपहर और शाम को पूरी तरह निष्क्रिय रहती है। जिस कारण वाहन चालक बेलगाम होकर चलते हैं और हादसों का कारण बनते हैं।हल्द्वानी में गर्मी बढ़ते ही ट्रैक्टर बड़ी संख्या में सड़कों में उतर गए हैं। विभाग और अनुबंधित ये ट्रैक्टर तेज रफ्तार से सड़कों में दौड़ रहे हैं। जिस कारण वाहन चालकों और यात्रियों के साथ ही राहगीरों के लिए भी यह मुसीबत बन गए हैं। पुलिस इन्हें लेकर भी गंभीरता नहीं बरत रही। लोगों का कहना है कि पुलिस केवल सूचना पर ही दौड़ती है। या तब फील्ड पर उतरनी है जब चालान करने हों। आम जनमानस की सुरक्षा के लिए पुलिस को वाहनों की ओवरस्पीड पर लगाम लगाने की जरुरत है।

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सीपीयू की गैरमौजूदगी में ट्रिपलिंग बढ़ी

इन दिनों सीपीयू की टीमें भी निष्क्रिय हो गई हैं। इसका कारण उनका यातायात में भी व्यस्त रहना है। लेकिन सीपीयू की गैर मौजूदगी ने लोगों को लापरवाह बना दिया है। इस वजह से लोग हेलमेट नहीं पहन रहे हैं। इसके अलावा तीन-तीन सवारियां ढो रहे हैं। जिस कारण हादसे हो रहे हैं। 31 जनवरी को बरेली रोड पर नरेश राजपूत नाम के युवक को मंगलवार की तरह ही ट्रक ने पीछे से टक्कर मारकर कुचल दिया था। जिसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।

परिवहन विभाग भी नियम बनाने तक सीमित
परिवहन विभाग केवल नियम बनाने तक सीमित रह गया है। रोड सेफ्टी को लेकर तमाम दावे करने वाला परिवहन विभाग बैठकों में नियम बनाने की बातें करता रहता है। आरटीओ प्रवर्तन दल की टीमें अगर समय-समय पर एनएच या अन्य मार्गों पर चेकिंग अभियान चलाए तो हादसों से बचा जा सकता है। लेकिन अफसर गहरी नींद में हैं। जिस कारण सड़क हादसों को रोकने के क्रम में कोई ठोस कदम उठता हुआ नहीं दिख रहा है। कोई हादसा होने के बाद खानापूर्ति के लिए विभाग अभियान चलाता है।
पुलिस लगातार चेकिंग अभियान चला रही है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर चालानी कार्रवाई की जा रही है।डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी यातायात।

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