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आखिर क्‍यों आक्रोश में हैं केदारनाथ धाम के तीर्थ पुरोहित? अनिश्चितकालीन बंद का ऐलान, यात्रा पर संंकट के बादल



रुद्रप्रयाग: तीर्थ पुरोहितों ने केदारनाथ धाम में शासन-प्रशासन द्वारा किए जा रहे निर्माण से स्थानीय निवासियों के भवनों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। साथ ही इसके विरोध में जिस दिन केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे उसी दिन से धाम में अनिश्चितकालीन बंद करने का ऐलान किया है।

तीर्थ पुरोहितों ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना संज्ञान में लिए भवनों के आगे बड़े-बड़े गड्डे बनाए जा रहे हैं, जिससे उनके भवनों को नुकसान पहुंच रहा है। केदारसभा ने इस बावत मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन दिया है।
केदारसभा की बैठक में आरोप लगाया गया कि लगातार केदारनाथ आपदा के बाद से तीर्थ पुरोहितों के हितों की अनदेखी केदारनाथ धाम में की जा रही है।
स्थानानीय लोगों की अनुमति के बिना कार्यवाही
बैठक में केदारसभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी एवं महामंत्री डा. राजेंद्र प्रसाद तिवारी ने कहा कि केदारनाथ धाम में शासन-प्रशासन द्वारा स्थानीय भूस्वामियों एवं हक-हकूकधारियों के विरुद्ध किए जा रहे अनियोजित तरीके से बन रहे भवनों का लगातार विरोध किया जा रहा है, किंतु इसके बाद भी स्थानानीय लोगों की अनुमति के बिना कार्यवाही जा रही है।

उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम में ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों द्वारा भवनों के आगे गड्डे बनाए जा रहे हैं, जिससे उनके भवनों को क्षति पहुंच रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि शासन-प्रशासन की इस तरह की कार्यवाही के चलते स्थानीय व्यापारी, होटल स्वामी 10 मई को जिस दिन केदारनाथ धाम के कपाट खुल रहे हैं उसी दिन से अपने प्रतिष्ठान, भवन एवं विश्रामगृह को अनिश्चितकाल के लिए बंद रखेंगे।

उन्होंने कहा कि अभी केदारनाथ धाम के कपाट बंद हैं, ऐसे में वहां कुछ अधिकारियों द्वारा स्थानीय भू-स्वामियों के आगे बड़े-बड़े गड्डे बनाए गए हैं। पूर्व में भी यहां के लोगों की अनुमति के बिना केदारनाथ में कई कार्य किए जा रहे हैं।

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अधिकारियों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी
वहीं केदारनाथ में भू-स्वामियों के भवनों के आगे गड्डे बनाने को लेकर नाराज तीर्थ पुरोहितों ने अधिकारियों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस अधीक्षक को अवगत कराते हुए तीर्थ पुरोहितों ने कार्रवाई की मांग की।

केदारसभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने बताया कि केदारनाथ में स्थानीय व्यापारी 10 मई से अनिश्चितकालीन बंद रखेंगे। केदारनाथ में उनको भूमिधरी अधिकार मिला है। वह जमीन कब्जे की नहीं है। इस तरह से अधिकारी बिना नोटिस के कार्यवाही कर रहे हैं, उसको लेकर न्यायालय की शरण ली जाएगी।

केदारनाथ के लिए 2013 में शासनादेश भी जारी हो गया था फिर भी उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। तीर्थुपरोहितों ने इस मामले में पुलिस को तहरीर दे दी है। वहीं पुलिस उपाधीक्षक प्रबोध घिल्डियाल ने बताया कि तीर्थ पुरोहित अपनी समस्या लेकर पुलिस को मिलने आए थे।

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