Connect with us

उत्तराखण्ड

भाजपा-कांग्रेस दोनों को नुकसान पहुँचा सकते हैं बगावती

हल्द्वानी। बीते रोज उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी ने जैसे ही अपने 59 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की उसके तुरंत बाद कुमाऊं एवं गढ़वाल मंडल में पार्टी के भीतर बगावत शुरू होने लग गई। नाराज कार्यकर्ता, दावेदारों ने जहां निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बना लिया है, वहीं भाजपा अधिकांश नाराज दावेदारों को मनाने में जुट गई है। डैमेज कंट्रोल में जुटी भाजपा के लिये अभी से तमाम चुनौतियां खड़ी होने लग गई है। पार्टी की एक टीम जहां नाराज दावेदारों, कार्यकर्ताओं को मनाने का प्रयास कर रही है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए लोगों को टिकट दिये जाने से भी नाराजगी बढ़ गई है।

अधिकांश नाराज नेता अब बात मानने को राजी नहीं हो रहे हैं। नैनीताल और भीमताल विधानसभा सीट में कांग्रेस से आए नेताओं को टिकट दिए जाने के बाद यहां भाजपा के 300 से अधिक कार्यकर्ताओं ने अपना अलग खेमा तैयार कर लिया है। यही नहीं उन्होंने अपने मनपसंद व्यक्ति को निर्दलीय चुनाव लड़ाने का मन बना लिया है। यही हाल कपकोट और मुनस्यारी के भी हैं। उधर गढ़वाल से भी कुछ इस तरह के समाचार आ रहे हैं, जहां दावेदारों में टिकट न मिलने और टिकट काटने के चलते भारी नाराजगी है।

बागेश्वर,कपकोट, मुनस्यारी में मनपसंद और जिताऊ उम्मीदवार को टिकट न दिए जाने के चलते दर्जनों भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। भाजपा अभी जिन 11 सीटों पर प्रत्याशियों की सूची जारी करने वाली है,इन सीटों पर भी घमासान मचने के आसार दिखाई देने लगे हैं। अलबत्ता पूरे प्रदेश में 70 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के अधिकांश सीटों पर फिर से बगावत हो सकती है।अधिकांश कार्यकर्ता नाराज दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में विधानसभा चुनाव 2022 जीतने के लिए भाजपा को भारी मशक्कत करनी पड़ सकती है। भाजपा के लिए यह एक तरह से बेहद चुनौती भरा हो सकता है।

यह भी पढ़ें -  बदरीनाथ से लौट रहा हेलीकॉप्टर क्रैश, पायलट समेत छह की मौत

इधर कांग्रेस में भी लगभग यही स्थिति होने के आसार लग रहे हैं। हालांकि अभी कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं की है। लेकिन जैसे ही यहां भी प्रत्याशियों की पहली सूची जारी होगी, इसके बाद कांग्रेस में भी एक बड़ा खेमा बगावतवाजी के लिये तैयार नजर आ रहा है। कुल मिलाकर दोनों पार्टियों के लिए इस विधानसभा चुनाव में बगावती नुकसान पहुँचा सकते हैं। डैमेज कंट्रोल करने में कौन पार्टी कितनी कामयाब होगी यह तो आने वाला समय ही बतायेगा।

ADVERTISEMENTS Ad Ad
Continue Reading
You may also like...

More in उत्तराखण्ड

Trending News