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भेदभाव और अपमान के खिलाफ कांग्रेस का सत्याग्रह मार्च, संविधान के राज में भेदभाव नहीं चलेगा।

खरगे जी के जनसभा स्थल के कथित शुद्धिकरण पर कांग्रेस का पलटवार, अंबेडकर पार्क से गांधी प्रतिमा तक निकला सत्याग्रह मार्च
हल्द्वानी, 14 अगस्त 2026
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष आदरणीय श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी की हल्द्वानी के श्री रामलीला मैदान में आयोजित ऐतिहासिक जनसभा के बाद जनसभा स्थल पर कथित रूप से किए गए शुद्धिकरण के विरोध में कांग्रेस ने शुक्रवार को सत्याग्रह मार्च निकालकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस ने स्पष्ट कहा कि लोकतंत्र और संविधान के भारत में किसी व्यक्ति की जाति, सामाजिक पहचान अथवा राजनीतिक विचारधारा के आधार पर उसके सम्मान और गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली मानसिकता के लिए कोई स्थान नहीं है।
सत्याग्रह मार्च से पूर्व अंबेडकर पार्क, मंगल पड़ाव स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद कांग्रेसजन सत्याग्रह मार्च के रूप में आगे बढ़े और नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की प्रतिमा पर पहुंचकर मार्च का समापन किया।
सत्याग्रह मार्च में नेता प्रतिपक्ष श्री यशपाल आर्य, हल्द्वानी विधायक श्री सुमित हृदयेश सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सामाजिक समानता, सम्मान, सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा के समर्थन में नारे लगाए।
इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष श्री यशपाल आर्य ने कहा कि सार्वजनिक स्थान किसी जाति या व्यक्ति की पहचान से अपवित्र नहीं होता। भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता और गरिमा के साथ जीने का अधिकार देता है। किसी सार्वजनिक स्थान को किसी व्यक्ति की जाति, वर्ग या सामाजिक पहचान से जोड़कर उसे शुद्ध या अशुद्ध मानना संविधान की मूल भावना के विपरीत है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी व्यक्ति की सामाजिक पहचान को आधार बनाकर उसके सम्मान को ठेस पहुंचाना स्वीकार नहीं किया जा सकता। लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल और हर नागरिक को सार्वजनिक स्थानों पर अपनी बात रखने का अधिकार है। किसी कार्यक्रम के बाद उस स्थान को कथित रूप से शुद्ध किए जाने की घटना समाज को यह संदेश देती है कि आज भी कहीं न कहीं छुआछूत और ऊंच-नीच की मानसिकता मौजूद है, जिसे समाप्त करने के लिए समाज को और मजबूती से खड़ा होना होगा।
श्री आर्य ने कहा कि कांग्रेस की लड़ाई किसी धर्म या व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि भेदभाव की उस मानसिकता के खिलाफ है जो इंसान की गरिमा को उसकी जाति से जोड़ती है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संविधान के माध्यम से जिस समानता और सामाजिक न्याय का रास्ता दिखाया, उसकी रक्षा करना हर लोकतांत्रिक नागरिक की जिम्मेदारी है।
हल्द्वानी विधायक श्री सुमित हृदयेश ने कहा कि हल्द्वानी भाईचारे की धरती, नफरत और भेदभाव की राजनीति को जगह नहीं।
हल्द्वानी हमेशा आपसी भाईचारे, सौहार्द और सामाजिक समरसता की पहचान रहा है। यहां सभी धर्मों, जातियों और वर्गों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं। ऐसे में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी की जनसभा के बाद जनसभा स्थल के कथित शुद्धिकरण की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।
मल्लिकार्जुन खरगे जी केवल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक संस्थानों में एक महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर आसीन वरिष्ठ नेता हैं। उनके सम्मान का प्रश्न केवल कांग्रेस का प्रश्न नहीं, बल्कि सामाजिक समानता और संवैधानिक गरिमा का प्रश्न है।
श्री हृदयेश ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति की जाति अथवा सामाजिक पहचान के कारण उसके कार्यक्रम के बाद किसी सार्वजनिक स्थल को कथित रूप से शुद्ध करने की जरूरत महसूस की जाती है, तो यह सोच समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी की जनता ऐसी विभाजनकारी मानसिकता को स्वीकार नहीं करेगी। कांग्रेस विकास, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय के साथ-साथ सम्मान की राजनीति में विश्वास करती है और भेदभाव के खिलाफ अपनी आवाज लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से उठाती रहेगी।
हल्द्वानी महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट एवं नैनीताल जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राहुल छिमवाल ने संयुक्त बयान में कहा कि मुद्दा भाजपा-कांग्रेस से आगे, सामाजिक सम्मान और संविधान का है। कांग्रेस का यह सत्याग्रह किसी व्यक्ति विशेष अथवा किसी धार्मिक आस्था के खिलाफ नहीं है। यह भेदभाव, सामाजिक अपमान, छुआछूत और ऊंच-नीच की मानसिकता के खिलाफ लोकतांत्रिक प्रतिरोध है।
उन्होंने कहा कि भाजपा की ओर से इस घटना से दूरी बनाए जाने और इससे किसी प्रकार का संबंध नहीं होने की बात कही जा रही है। ऐसे में कांग्रेस की स्पष्ट मांग है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी व्यक्ति अथवा संगठन द्वारा सामाजिक भेदभाव या किसी नागरिक की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य किया गया है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई हो।
राजनीति में विचारों का विरोध हो सकता है, लेकिन जाति के आधार पर सम्मान और अपमान का फैसला नहीं हो सकता। भारत का संविधान किसी व्यक्ति को उसकी जाति के कारण ऊंचा या नीचा नहीं मानता। इसलिए सार्वजनिक जीवन में भी संविधान की इसी भावना का पालन होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने सामाजिक भेदभाव के खिलाफ संघर्ष किया और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने समानता, स्वतंत्रता और न्याय को संविधान की बुनियाद बनाया। आज जरूरत है कि इन दोनों महापुरुषों के विचारों को केवल भाषणों तक सीमित न रखकर सामाजिक जीवन में उतारा जाए।
सत्याग्रह मार्च में शामिल कांग्रेस नेताओं ने कहा कि, हमें ‘शुद्धिकरण’ की राजनीति नहीं, समानता और सम्मान की राजनीति चाहिए।
8 अगस्त को हल्द्वानी में श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी की ऐतिहासिक जनसभा हुई और उसके बाद सामने आए कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम ने पूरे देश में सामाजिक समानता को लेकर बहस खड़ी कर दी है। यह मुद्दा अब राज्य की सीमाओं से बाहर निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में है और स्वयं श्री खरगे जी ने इसे राज्यसभा में उठाया है।
इस पूरे घटनाक्रम को किसी राजनीतिक विवाद तक सीमित करने के बजाय समाज को यह सवाल पूछना चाहिए कि क्या 21वीं सदी के भारत में किसी इंसान के स्पर्श, उसकी जाति या उसकी सामाजिक पहचान के कारण किसी सार्वजनिक स्थान को ‘शुद्ध’ करने की आवश्यकता महसूस की जा सकती है।
सत्याग्रह मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “संविधान के राज में भेदभाव नहीं चलेगा”, “सामाजिक सम्मान हमारा अधिकार है” और “जाति के आधार पर भेदभाव बंद करो” जैसे नारे लगाए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह सत्याग्रह केवल आज का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक बराबरी और संवैधानिक मूल्यों के प्रति कांग्रेस की प्रतिबद्धता का संदेश है। राजनीति में मतभेद रहेंगे, चुनाव आएंगे-जाएंगे, लेकिन किसी नागरिक की गरिमा और सम्मान से समझौता नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस पार्टी आगे भी समानता, सामाजिक न्याय, भाईचारे और संविधान की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।
सत्याग्रह मार्च में मुख्य रूप से नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, विधायक सुमित हृदयेश, राष्ट्रीय सचिव संजीव आर्य, पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र पाल, पूर्व मंत्री हरीश दुर्गापाल, जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल, महानगर अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट, सतीश नैनवाल, हरीश मेहता, मलय बिष्ट, जया कर्नाटक, संजय किरौला, शोभा बिष्ट, मधु सांगूड़ी, भागीरथी बिष्ट, नीमा भट्ट, इंदर पाल आर्य, मोहन बिष्ट, हेम पांडे, कुंदन नेगी, किरन माहरा, जाकिर हुसैन, मुकुल बलुटिया, गुरप्रीत सिंह प्रिंस, हरेंद्र बोरा, भोला भट्ट, राजेंद्र खनवाल, मनोज भट्ट, विनोद कुमार, राजेंद्र बिष्ट रज्जी, हेम जोशी, नीरज तिवारी, मोहम्मद गुफरान, विशाल भोजक, इंजीनियर सुमित कुमार, विमला जोशी, हेमा देवी, राधा आर्य, गीता बहुगुणा, जया पाठक, लाखन नेगी, गिरीश पांडे, राजेंद्र दुर्गापाल, संदीप भैसोड़ा, संजू उप्रेती, शंकर जोशी, भुवन पांडे, संदीप पांडे, नितिन भट्ट, आशीष सहित सैकड़ों कांग्रेसजन उपस्थित रहे।






