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आध्यात्मिक

राजनीति की भेंट चढ़ा आस्था का प्रतीक गर्जिया मंदिर

रामनगर। गर्जिया मंदिर एक पौराणिक मंदिर है यहां पर हर वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं कोविड-19 के चलते अप्रैल माह 2021 को इसे बंद कर दिया गया था। लेकिन अब सरकार ने ज्यादातर मंदिरों को खोल दिया है वही रामनगर का गर्जिया मंदिर पर भी कोई प्रतिबंध नहीं है। लेकिन गर्जिया मंदिर को आज कोविड-19 का पालन करते हुए जब खोला गया तो 1 घंटे बाद ही मंदिर समिति के द्वारा मंदिर को बंद करवा दिया गया। वही मंदिर में दर्जनों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे,जिन्हें बिना दर्शन कर बैरंग लौटना पड़ा।

श्रद्धालुओं से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि मंदिर आस्था का प्रतीक है, इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए। जब सरकार ने उत्तराखंड के अधिकतर मंदिरों को खोल दिया गया है। रामनगर का कॉर्बेट नेशनल पार्क और यहां पर होटलो को भी 50 प्रतिशत खोल दिया गया है। वही इस मंदिर को लेकर राजनीति क्यों की जा रही है। वही मंदिर के पुजारी ने बताया कि मंदिर से हजारों लोगों का रोजगार चलता है। जिसके चलते अगर मंदिर को बंद किया जाता है तो उन पर पूर्व की तरह रोजी-रोटी का संकट आन पड़ेगा। वहीं उपजिलाधिकारी से वार्ता पर उन्होंने बताया कि प्रशासन की तरफ से मंदिर प्रशासन को खोलने और बंद करने की किसी किसी तरह की कोई गाइडलाइन नहीं है। इसका निर्णय मंदिर समिति और मंदिर के पुजारी द्वारा ही लिया जाएगा।

पर्वत प्रेरणा ब्यूरो

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