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रुद्रपुर में SIR को लेकर हंगामा: सामने आया CM का बयान, बोले राजनीति करने के बजाय…

रुद्रपुर में बीते सोमवार को SIR को लेकर विधायक शिव अरोड़ा और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के बीच हुई तनातनी अब सियासी चर्चा का मुद्दा बन गई है। मामले को लेकर मुख्यमंत्री धामी का रिएक्शन भी सामने आया है।
रुद्रपुर में विधायकों के विवाद पर सामने आया सीएम धामी का बयान
रुद्रपुर में दोनों विधायकों के बीच हुए विवाद पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान भी सामने आया है। सीएम धामी ने कहा कि SIR एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है और इसका उद्देश्य मतदाता सूची को दुरुस्त करना है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि इस मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय प्रक्रिया को समझें और सहयोग करें। सीएम ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता सूची की शुद्धता बेहद महत्वपूर्ण है। पात्र मतदाताओं के नाम सूची में रहें और अपात्र नामों को हटाया जाए, यह सुनिश्चित करना जरूरी है।
ये है मामला
रुद्रपुर में SIR बैठक के दौरान विधायक शिव अरोड़ा और पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता राजकुमार ठुकराल के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। दोनों नेता कुमाऊं कमिश्नर के सामने ही गली गलौच पर उतर आए। देखते ही देखते कलेक्ट्रेट परिसर में तनाव की स्थिति बन गई। भाजपा नेताओं ने आपत्तिकर्ताओं को धमकाने के आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया। मामला गर्माता देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
आपत्ति दर्ज कराने वाले लोगों को धमकाने का लगाया आरोप
बता दें रुद्रपुर में कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की अध्यक्षता में SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में मतदाता सूची में कथित डबल वोट और अन्य आपत्तियों को लेकर भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी बहस हो गई। भाजपा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि SIR के दौरान आपत्ति दर्ज कराने वाले लोगों को फोन और घर जाकर धमकाया जा रहा है।
धरने पर बैठे BJP नेता
शुक्ला ने प्रशासन से मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। विवाद बढ़ने के बाद भाजपा जिला अध्यक्ष कमल जिंदल, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, रुद्रपुर विधायक शिव अरोड़ा समेत अन्य भाजपा पदाधिकारी कलेक्ट्रेट कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए। बड़ी संख्या में भाजपा और कांग्रेस समर्थक भी कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंच गए। स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि उनकी मांग निष्पक्ष और शुद्ध मतदाता सूची सुनिश्चित कराने की है। वहीं, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।






