उत्तराखण्ड
परियोजना निदेशक अजय सिंह ने MUY–RBI कार्यालय का किया निरीक्षण, समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया जोर
पर्वत प्रेरणा ब्यूरो
चम्पावत। परियोजना निदेशक अजय सिंह ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना (MUY–RBI) कार्यालय का व्यापक निरीक्षण कर योजनाओं की प्रगति, कार्यप्रणाली और आगामी कार्ययोजना की समीक्षा की। उन्होंने प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान परियोजना निदेशक ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना की भौतिक प्रगति और ऑनलाइन प्रबंधन सूचना प्रणाली (MIS) की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी गतिविधियों एवं प्रगति संबंधी सूचनाओं का समयबद्ध और शत-प्रतिशत अद्यतन किया जाए। उन्होंने सटीक आंकड़ों की प्रविष्टि और नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर भी जोर दिया, ताकि योजनाओं की प्रभावी निगरानी और बेहतर निर्णय लिए जा सकें।अजय सिंह ने आउटरीच गतिविधियों को और व्यापक बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिक से अधिक संभावित एवं वर्तमान उद्यमियों तक योजना की जानकारी और सेवाएं पहुंचाई जाएं। उन्होंने क्षेत्रवार एवं लक्ष्य-आधारित कार्ययोजना तैयार कर स्थानीय स्तर पर उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।

निरीक्षण के दौरान कार्यालय परिसर की स्वच्छता, अभिलेखों के रखरखाव और कार्यस्थल प्रबंधन का भी जायजा लिया गया। उन्होंने कार्यालय भवन की मरम्मत, रंग-रोगन और नियमित रखरखाव समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।परियोजना निदेशक ने यू-कॉस्ट महिला प्रौद्योगिकी इकाई (U-COST Women Technology Unit) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने इकाई की गतिविधियों, उपलब्ध संसाधनों और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संसाधनों के अधिकतम उपयोग, सेवा गुणवत्ता में सुधार और योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण एवं समीक्षा बैठक में इन्क्यूबेशन मैनेजर पंकज बिष्ट, बीपीडीई विश्व दीपक, फील्ड कोऑर्डिनेटर ललित प्रसाद सहित यू-कॉस्ट टीम के सदस्य उपस्थित रहे। टीम ने योजनाओं के संचालन और आगामी कार्ययोजना की जानकारी परियोजना निदेशक को दी।निरीक्षण के अंत में अजय सिंह ने अधिकारियों और कर्मचारियों से पारदर्शिता, जवाबदेही, समयबद्ध रिपोर्टिंग, बेहतर समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए सभी अधिकारी परिणामोन्मुखी और लक्ष्य-आधारित कार्यप्रणाली अपनाएं, ताकि अधिक से अधिक उद्यमियों को योजना का लाभ मिल सके।








