Connect with us

Uncategorized

हल्द्वानी- साढ़े चार महीने में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की शानदार उपलब्धि, विरासतन, राजस्व प्रवर्तन समिति और प्रमाण पत्रों में ऐतिहासिक काम

विगत साढ़े चार महीने में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की शानदार उपलब्धि, विरासतन, राजस्व प्रवर्तन समिति और प्रमाण पत्रों में ऐतिहासिक काम

जनता की समस्याओं को सुनना और उनके बीच समाधान निकालना इन्हीं दायित्व का सफल निर्वहन कर रहे नैनीताल जिले के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के अभिनव प्रयासों से साढ़े चार महीने के अंतराल में हजारों लोगों को ना सिर्फ प्रशासनिक दिक्कतों से राहत मिली है बल्कि अपने जमीन के विरासतन की राह देख रहे फरियादियों के मामले में कई दशकों में पहलीबार ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व कार्य हुआ है जिसमें जिले भर में 17 हजार से अधिक परिवारों के नाम विरासतन भूमि दर्ज हुई है इसी प्रकार राजस्व वादों के निपटारे के लिए पहली बार राजस्व प्रवर्तन समिति ने हजारों मामले में मौके पर जाकर निस्तारण किया है। इसके अलावा प्रमाण पत्रों के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने वाले फरियादियों को राहत देने के लिए चलाए गए अभियान में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में जन्म और मृत्यु के 10 हजार प्रमाण पत्र निर्वाद रूप से बनाए गए हैं वर्तमान समय में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में जीरो पेंडेंसी है।

जनपद नैनीताल के आंकड़े इस बात की तस्दीक करने को काफी हैं कि, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के चार्ज लेने के बाद जिले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के मूल मंत्र को चरितार्थ करते हुए इन तीन अभियानों की शुरुआत की थी। जिसके परिणाम न सिर्फ सकारात्मक रहे बल्कि जनता के लिए काफी सुखद और प्रभावी दिखाई दिए। अगर आंकड़ों की बात की जाए तो, गत 14 अक्टूबर से 31 मार्च तक जिले की 9 तहसीलों में 7311 विरासतन के मामले में 22190 परिवारों को उनकी भूमि के विरासतन को दर्ज कर लाभ दिया गया।
इसी प्रकार राजस्व प्रवर्तन समिति ने जिले भर में अभियान चलाकर सालों से लंबित व 2528 मामलों का मौके पर जाकर निस्तारण किया। इसी तरह जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए परेशान रहने वाले फरियादियों के लिए विशेष अभियान चलाए गए जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में 2543 जन्म प्रमाण पत्र और 1920 मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत किए गए वर्तमान समय में प्रमाण पत्रों की पेंडेंसी जीरो है। इसी प्रकार शहरी निकाय क्षेत्र में 3660 जन्म प्रमाण पत्र और 1941 मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत किए गए वर्तमान समय में वही प्रमाण पत्र लंबित हैं जिनका निकाय के बोर्ड से निर्णय होना है।

यह भी पढ़ें -  ग्रामसभा उचोलिगोठ में महिला सशक्तिकरण का दिया संदेश। हेमा बनी निर्विरोध उप ग्राम प्रधान।

जिलाधिकारी ने बताया कि यह अभियान निरंतर अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने की दृष्टि से चलते रहेंगे। उन्होंने बताया कि विरासतन के मामले हो या फिर राजस्व वाद से संबंधित मामले फरियादी सालों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाते हैं ऐसे में उनकी प्राथमिकता है की लंबे समय तक चलने वाले प्रकरणों के निस्तारण में तेजी लाना पारदर्शी व्यवस्था का हिस्सा है। और अधिकारी कर्मचारियों का मूल दायित्व भी जिसे निरंतर निर्वाद गति से जारी रखा जाएगा।

More in Uncategorized

Trending News