Connect with us

Uncategorized

उत्तराखंड पहाड़ के स्कूलों में बच्चे घटे तो 20% घटा पोषण का अनाज, शिक्षा विभाग को नामांकन बढ़ाने के निर्देश

उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या घटने से पीएम पोषण योजना के तहत खाद्यान्न आवंटन में 20.1% की कमी आई है। राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग को नामांकन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि इस समस्या का समाधान हो सके।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

देहरादून। उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में पीएम पोषण योजना (मिडडे-मील) के तहत खाद्यान्न आवंटन में लगभग 20.1 प्रतिशत की कमी ने प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

इसके पीछे वजह सरकारी स्कूलों में घटती छात्र संख्या बताई गई है। राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की कम होती संख्या को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग को नामांकन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में दो साल में करीब 5,500 बच्चे सरकारी स्कूलों में कम हो गए। इसका सीधा असर पीएम पोषण योजना के तहत छात्र-छात्राओं को वितरित किए जाने वाले मिडडे-मील पर पड़ा। उत्तराखंड में पीएम पोषण योजना के तहत 2023-24 में 18,243.31 मीट्रिक टन खाद्यान्न आवंटित हुआ था। 2025-26 में यह घटकर 14,576.18 मीट्रिक टन रह गया। यानी तीन वर्षों में 3,667.13 मीट्रिक टन की कमी आई, जो करीब 20.1 प्रतिशत है।

बच्चे की थाली का मानक
पीएम पोषण योजना में कक्षा एक से पांच तक के बच्चे के लिए प्रतिदिन 100 ग्राम खाद्यान्न, 20 ग्राम दाल, 50 ग्राम सब्जी और पांच ग्राम तेल-वसा का मानक है। वहीं उच्च प्राथमिक कक्षा के बच्चों के लिए प्रतिदिन 150 ग्राम खाद्यान्न, 30 ग्राम दाल, 75 ग्राम सब्जी और 7.5 ग्राम तेल-वसा निर्धारित है।

हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड की स्थिति

राज्यकमी (%)
उत्तराखंड20.1%
अरुणाचल प्रदेश21.5%
हिमाचल प्रदेश13.4%
त्रिपुरा17.8%
नागालैंड16.1%
मिजोरम11.3%
सिक्किम7.4%

राज्य जो प्रेरक बने

पीएम पोषण के खाद्यान्न आवंटन में गिरावट के बीच कुछ राज्यों ने बढ़ोतरी भी दर्ज की। मेघालय में 9.9 प्रतिशत, मणिपुर में 5.5 प्रतिशत और ओडिशा में 2.5 प्रतिशत आवंटन बढ़ा। दादरा एवं नगर हवेली और दमन-दीव में भी 10.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

पोषण योजना के तहत खाद्यान्न आवंटन में कमी के कारणों की समीक्षा की जा रही है। सुधार के लिए शिक्षा विभाग से समन्वय कर ठोस और प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। -पीएस पांगती, अपर आयुक्त, खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग।

यह भी पढ़ें -  चमोली टनल हादसा: भारी बारिश से निर्माणाधीन सुरंग में घुसा पानी और मलबा, 16 मजदूरों का सुरक्षित रेस्क्यू; अपनों की जानकारी के लिए तुरंत मिलाएं ये हेल्पलाइन नंबर

More in Uncategorized

Trending News