Connect with us

Uncategorized

खेतों से सड़क तक फैला सीवर जैसा पानी, बच्चों का स्कूल जाना भी मुश्किल, ग्रामीणों में भारी रोष

 

haridwwar ganda pani

हरिद्वार जिले के रुड़की क्षेत्र के थिथौला गांव में नगर पंचायत लंढौरा का गंदा पानी पिछले कई सालों से ग्रामीणों और किसानों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है। गांव से होकर बह रहा यह पानी किसानों की सैकड़ों बीघा खेती को बर्बाद कर रहा है, जबकि सड़क पर जलभराव होने से लोगों का आवागमन भी प्रभावित हो रहा है।

गंदे पानी की शिकायतों के बाद DM ने गठित की संयुक्त टीम

ग्रामीणों का कहना है कि गांव प्रधान की ओर से इस समस्या को लेकर ब्लॉक स्तर से लेकर जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री तक कई बार शिकायत भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया। लगातार शिकायतों के बाद प्रशासन हरकत में आया और जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसील, चकबंदी और नगर पंचायत की संयुक्त टीम का गठन किया गया।

सड़क पर फैल रहा गंदा पानी

अपर तहसीलदार सुभानी के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। निरीक्षण में सामने आया कि नगर पंचायत लंढौरा का गंदा पानी थिथौला गांव से होते हुए खेतों में जा रहा है। कुछ दूरी तक नाला बना हुआ है, लेकिन आगे नाला न होने के कारण पानी सड़क पर फैल रहा है।

ग्रामीणों और राहगीरों को हो रही परेशानी

करीब 500 मीटर तक सड़क पर पानी बहने से ग्रामीणों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी खराब है कि स्कूल जाने वाले बच्चों को भी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। वहीं खेतों में पानी भरने से किसानों की फसलें खराब हो रही हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

यह भी पढ़ें -  भीषण सड़क हादसा, मौत बनकर दौड़ी स्कॉर्पियो, तीन दोस्तों की दर्दनाक मौत

प्रधान पति रियासत अली ने बताया कि इस समस्या को लेकर प्रशासन से कई बार शिकायत की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि किसानों को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है और गांव की सड़कें भी खराब हो चुकी हैं।

ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

अपर तहसीलदार सुभानी ने बताया कि मौके का निरीक्षण कर स्थिति से ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत लंढौरा और फैक्ट्री के पानी को नाले तक पहुंचाने के लिए ग्राम पंचायत और नगर पंचायत के बीच सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।

More in Uncategorized

Trending News