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मनरेगा का नाम बदलने पर कांग्रेस का जबरदस्त विरोध, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

लालकुआँ। मनरेगा योजना का नाम बदले जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लालकुआँ तहसील में जोरदार प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार पूजा शर्मा को सौंपा और योजना का मूल नाम बहाल करने की मांग की।
यह प्रदर्शन लालकुआँ नगर कांग्रेस अध्यक्ष भुवन पांडे और बिंदुखत्ता ब्लॉक अध्यक्ष पुष्कर दानू के नेतृत्व में किया गया। दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ता तहसील परिसर पहुंचे और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर ‘विकसित भारत ग्रामीण राम जी’ किए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से मांग की कि मनरेगा का नाम तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। उनका कहना था कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के विचारों और देश के गरीब, मजदूर और ग्रामीण वर्ग की आजीविका से जुड़ा हुआ है।
इस मौके पर कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए जनकल्याणकारी योजनाओं के नाम बदल रही है। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं का नाम देश और समाज के लिए बलिदान देने वाले महापुरुषों के नाम पर रखा गया है, उन्हें किसी भी परिस्थिति में बदला नहीं जाना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शहीदों और महापुरुषों के नाम से जुड़ी योजनाओं का नाम बदलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और जनभावनाओं के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मनरेगा का नाम बहाल नहीं किया तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी।
प्रदर्शन में विधानसभा प्रभारी संदीप जोशी, वरिष्ठ नेता हरेंद्र क्वीरा, प्रमोद कालौनी, मोहन कुड़ाई, गिरधर बम, सईद अहमद, गोविंद दानू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।







