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भैंसा खाकर चला गया बाघ, देखती रह गई मचान पर तैनात वन टीम

मीनाक्षी
हल्द्वानी। फतेहपुर रेंज के अंतर्गत पीपलपोखरा और पनियाली गांव में दो महिलाओं को मारने वाले बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग की ओर से बिछाए गए जाल में बाघ फंस नहीं पाया। उसे पकड़ने के लिए बनाए गए मचान पर तैनात टीम को वह चकमा देकर निकल गया।बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पांच पिंजरे, 58 ट्रैप कैमरे लगाए हैं। दो मचान पर ट्रैंकुलाइजर के साथ विभाग की टीम तैनात है। इसके अलावा बाघ को जाल में फंसाने के लिए एक भैंसा बांधा गया है। सोमवार को बाघ वहां पर आया। उसने मचान के पास बांधे गए भैंसे को खाया और चला गया। लेकिन टीम उसे ट्रैंकुलाइज नहीं कर पाई। वह विभाग की टीम को चकमा देकर निकल गया।रामनगर डिवीजन के डीएफओ डीएस मर्तोलिया ने बताया कि बाघ ट्रैप कैमरे में भी नजर आया है। बाघ की प्रवृत्ति होती है कि वह अपना बचा हुआ शिकार खाने दोबारा आता है। जैसे ही वह आएगा, उसे पकड़ लिया जाएगा।वन विभाग की ओर से पनियाली में मृतका की बेटी भावना को 10 लाख रुपये की मुआवजा राशि दी गई। इसके साथ ही उन्हें भविष्य में हरसंभव मदद का आश्वासन दिया गया। इस दौरान कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत, रामनगर डीएफओ ध्रुव मर्तोलिया, ग्राम प्रधान कपिल देवका, दलीप बिष्ट, भुवन चंद्र कर्नाटक, जगदीश देवका, नीलू नेगी, भूपाल दत्त कांडपाल उपस्थित रहे। विधायक भगत ने वन विभाग के अधिकारियों से क्षेत्र में बाघ की बढ़ती गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।







