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बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी विवाद: 25 लैपटॉप गायब, कहीं रिकॉर्ड नहीं, जांच कमेटी अब तक नहीं पहुंची मंदिर

केदारनाथ और बद्रीनाथ मंदिर समीति पर सबसे पहले चढ़ावे की गिनती में हेरफेर के आरोप लगे। वहीं अब ये पता चला है कि मंदिर समिति के पास से पिछले 10-12 सालों में मिले 20-25 लैपटॉप और उनसे जुड़े स्टॉक रिकॉड तक गायब हैं। जिसके बाद एक बार फिर मंदिर समिति सवालों के घेरे में है। लोग सवाल कर रहे है कि आखिर इतने लैपटॉप गए कहां? सवाल ये भी कि क्या बद्रीनाथ और केदारनाथ में पहली बार ऐसी गड़बड़ी हुई? या फिर ये पैसों और सामानों के हेरफेर का खेल पहले से चल रहा था?
विवादों से बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति का पुराना रिश्ता
मंदिर के गर्भगृह में लगी सोने की प्लेटों का रंग उतरने का विवाद हो या फिर मंदिर परिसर में क्यूआर कोड लगाने का मामला
या फिर वीआईपी मेहमान नवाजी पर करोड़ों खर्च करने के आरोप हो। टाइम टू टाइम बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ऐसे आरोपों से घिरती रही है।
अब कथित चढ़ावे में गड़बड़ी की बात
वहीं कुछ वक्त से एक नए विवाद के चलते बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति एक बार फिर कठघरे में खड़ी है। एक तो चढ़ावे के चोरी के आरोप और अब मंदिर के दफ्तरों से लैपटॉप के भी रहस्यमयी तरीके से गायब होने के आरोप बीकेटीसी पर लगे हैं।बात करें चढ़ावे के पैसों में हेरफेर की तो 2 जुलाई को एक कथित cctv वीडियो वायरल हुआ था जिसमें बीकेटीसी पर चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी के आरोप गए गए थे।
भैरव सेना ने चढ़ावा चोरी को लेकर शिकायत की दर्ज
3 जुलाई को भैरव सेना ने बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ को इसके लेकर शिकायत दी थी। इस पत्र में BKTC अध्यक्ष के कथित निजी सहायक और ड्यूटी पर तैनात कुछ कर्मचारियों पर बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में दान पैसों में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए गए थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक संदीप खत्री का दावा था कि मंदिर समिति से जुड़े कुछ गुप्त सूत्रों ने पहले भी उन्हें इस तरह की इनफोरमेशन दी थी।
कर्मचारियों को नोटिस जारी कर तीन दिन में मांगा था जवाब
जिसमें उन्हें ये बताया गया कि पिछले काफी वक्त से जब बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में आए दान की गिनती की जाती है। तब ही बड़ी सफाई से चढ़ावे के पैसों को इधर-उधर कर दिया जाता है। जिसके बाद सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने कथित आरोपी निजी सहायक के साथ ही ड्यूटी पर मौजूद चार कर्मचारियों को नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर जवाब मांगा था।
अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने जांच टीम की गठित
हालांकि वहीं BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने चार सदस्यों की एक जांच टीम बना दी। लेकिन भैरव सेना जो इस कथित गबन के खिलाफ आवाज उठा रही है, उनका कहना है कि उन्हें इस जांच कमेटी पर ही भरोसा नहीं है। भैरव सेना का कहना है कि जब मामला CCTVZ फुटेज से संबंधित है तो जांच टीम में कोई साइबर या फॉरेंसिक एक्सपर्ट क्यों नहीं है। वहीं भैरव सेना इस मामले में SIT की जांच की मांग भी कर रही है।
40 दिनों के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे
हालांकि वहीं जांच टीम अब पिछले 40 दिनों के CCTV फुटेज खंगाल रही है। बद्रीनाथ मंदिर परिसर में कुल 32 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। कथित आरोपी समिति के वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को भी उनकी जिम्मेदारियों से हटाकर देहरादून अटैच कर दिया गया है ताकी ये जांच प्रभावित ना हो।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि दो जुलाई को दान-चढ़ावे की गिनती में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया था। जवाब देने की समयसीमा 6 जुलाई को खत्म हो गई। समिति इन जवाबों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय करेगी।
20 से 25 लैपटॉप का भी रिकॉर्ड नहीं
हालांकि जैसे ही चढ़ावे के गबन की बात सामने आई तो मंदिर में दिए गए पुराने लैपटॉप का भी मुद्दा भी चर्चा में आ गया।
मीडिया रिपोर्टस की मानें तो BKTC को पिछले 10 से 12 सालों में CSR मद से मिले 20 से 25 लैपटॉप का भी रिकॉर्ड नहीं मिलने की बात सामने आ रही है।
समिति के स्टॉक रजिस्टर में भी नहीं कोई जानकारी
SBI, PNB और कैनरा बैंक सहित अन्य संस्थानों ने मंदिर समिति कार्यालय के इस्तेमाल के लिए ये लैपटॉप दिए थे। समिति के स्टॉक रजिस्टर में भी इनके बारे में कोई जानकारी नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कि समिति से जुड़े कुछ लोग लैपटॉप अपने साथ ले गए। जबकि मंदिर समिति ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
इसके साथ ही चार सदस्यीय जांच कमेटी को सात दिन के अंदर रिपोर्ट देनी थी। लेकिन तीन दिन बाद भी जांच कमेटी मंदिर नहींप पहुंच पाई है। नौ जुलाई को कमेटी मौके पर पहुंचेंगी।
BKTC के कामकाज पर उठ रहे सवाल
उधर कांग्रेस ने भी इस मसले पर मोर्चा खोल दिया है और BKTC का कामकाज पर सवाल उठा रही है। यही नहीं बद्रीनाथ से विधायक और कांग्रेस नेता लखपत बुटोला ने ना सिर्फ उपवास शुरू कर दिया है बल्कि आरोपों की उच्च स्तरीय जांच की मांग भी उठा दी है। फिलहाल राम मंदिर में चंदा चोरी की खबरों के बाद बद्रीनाथ मंदिर में भी चंदा चोरी के आरोपों ने तूल पकड़ा है।अब देखना ये होगा कि क्या ये दोनों मामले में जांच होगी और सच्चाई सामने आएगी या फिर ये मामले भी कुछ वक्त बाद ठंडे बस्ते में चले जाएंगे






